anilsangwan
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tem donu malik bhaai ke gal-jottey the ke, saari bhinn-ki-bhinn
मेरी तो तेरी इस बात की भिन्न की भिन्न .... हा हा हा हा हा हा हा
tem donu malik bhaai ke gal-jottey the ke, saari bhinn-ki-bhinn
tem donu malik bhaai ke gal-jottey the ke, saari bhinn-ki-bhinn
रविंदर भाईसाब, जो बालक स्कूल ते बंक मार के बाहर चोसे लिया करदे उन सब की इन बाता पे जमा "भिन्न की भिन्न" पावेगी |:rock:rock
जे शोर्ट अत्तेंडेंस के लैटर घरा पहोच जांते ते बक्कल तार लेवे है घरआले |:thappad
जिब हाम नोमी दशमी म ए पढ़ण जाया करते | म्हारा बालका का वो ए जत्था जो सिरसम म
ghanaa majaa aagyaa bhai pedh kein,wo maar khaa kein bhee haanseniyaa chhoraa makhaa haansi kaa suwaa luwaaryaa thaa ke .jo darad naa hovey thaa.
म्हारी गाळ म एक लंगड़ा डुंडा छोरा स |
thaa chhoraa tundaa
tthaa diyaa doondaa
bewkoof banaayaa bhoondaa
म्हारे गाम में दुसरे ठोले में एक छोरा था | उका नाँ ढीमसरा धर राख्या था | एक तो उका सर घना बड्डा था उप्पर तें करडा घणा | वो किस्से हो तें सर भिडान की शरत ला लिया करदा | एर हमेशा जीत जांदा | उका सर एर आँख थे भी मारने झोट्टे बर्गे | एक बे गाम के एक दुसरे ठोले का छोरा आया एर उने वो चैलेंज कर दिया | दोनु ठोल्यां के ३०-४० बालक कट्ठे हो गे बणी में | एर भाई शरत लाग गी १००/-१००/- रापियाँ की | मुकाबला सुरु हो गया | दोनु १५-२० मीटर तें भाज कें आन्दे एर टक्कर मारदे | दो टक्करआन में-ए वो चेलंज कार्निया छोरा भें बोल गया | पर हट्या कोणी एर आगली बार ढीमसरा भाज कें आया टक्कर मारण खातर तो ऊने एक खूंड पड्या था ऊके सहारे वो ठा कें अडा दिया | कसूता खुड्का होया पर ढीम्सरा उने भी सह ग्या | एर शरत जीत ग्या | पर जब पाछे गाम में कस्से की हिम्मत नि होई ऊ ताहि चेलंज करण की |
bhai uka sar tha aak bhatha tha jo uke laagya koni karti aar ve minda ki dhall kyu lade the. dur dur tai bhaj ke.
एक बे खरसाँ का टेम था आर हाम चार जणे ताश खेला थे तो एक जणा नु बोल्या मै तै सोऊंगा मन्ने नींद आव्वे सै, आर जै यो सोवे, ते तासा मै एक जणा कम पड़े था, तास कोणी खेली जाती तिन जणा म | हामने घणी ए मना करी आक सोवे मतना, पर वो मान्या कोन्या आर सो ग्या | फेर हामने के करा जिब वो करड़ी नींद म सो लिया था जिब उकी च्प्पला क गोबर ला दिया आर उके हाथा म पहरा दी वे चप्पल | आर एक तागे की बाती बणा के उके नाका म दे दी इब वो रगड़न लाग्या तो सारा मुह गोबर का हो ग्या आर इब हांडे रात ने नहाता | उके पाछे आज ताहि म्हारे आगे कदे न्ही सोया है आर सोवे बी सै तो चेत म सोवे सै | बनः था कुम्भकरण का चाचा |
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