albaadi baalkaan key kissey.

जब में मुंबई में होस्टल में रह्या करदा| तो में एर एक मेरा होस्टल आला दोस्त एक दुसरे बेच मेट ने आपने घरां बुला लिए अतवार आले दिन | एर हाम नए -नए थे जयां तें मुंबई का घणा सा बेरा तो था कोणी, जयां तें वो हाम नु लेवन आग्या |ऊ गेल्याँ ऊके घर के धोरे का एक दूसरा दोस्त भी आर्या था | हाम लोकल ट्रेन में बैठ गे दादर जा लिए जब टी.सी. आग्या एर लाग्या पास-टिकट बुझ्न | हाम तो टिकट ले रे थे पर वे दोनु रोज़ के ट्रेन में चालानिये थे उन धोरे पास था | उन ने आपने पास काढ़े तो एक जने का २ दिन पहलम पास ख़तम होग्या था | उन ने पलान बनाई एर जी धोरे पास था वो आगले स्टेशन पे भाज कें ने उतरन लाग्या एर टी.सी ने भी नु सोच के एक बकरा बिना टिकट का से जयां तें भाजन लाग्र्या से | ऊ की गल्याँ-ए भाज कें उतर ग्या | ट्रेन का तो १० सेकण्ड स्टॉप हो से | इतने उने पकड़ के पास देखन लाग्या इनने ट्रेन चाली गई | एर नु कर कें उने आपना दोस्त बचा लिया पकड़न तें एर वो आगली ट्रेन पकड़ कें आलिया ३-४ मिनट में-ए | टी.सी का मस्त उल्लू बनाया |
 
tem donu malik bhaai ke gal-jottey the ke, saari bhinn-ki-bhinn

रविंदर भाईसाब, जो बालक स्कूल ते बंक मार के बाहर चोसे लिया करदे उन सब की इन बाता पे जमा "भिन्न की भिन्न" पावेगी |:rock:rock

जे शोर्ट अत्तेंडेंस के लैटर घरा पहोच जांते ते बक्कल तार लेवे है घरआले |:thappad
 
रविंदर भाईसाब, जो बालक स्कूल ते बंक मार के बाहर चोसे लिया करदे उन सब की इन बाता पे जमा "भिन्न की भिन्न" पावेगी |:rock:rock

जे शोर्ट अत्तेंडेंस के लैटर घरा पहोच जांते ते बक्कल तार लेवे है घरआले |:thappad

eekaa matalab tam donu bunkar they, jayaan tein thaari saari baat mile sein
 
मेरे मामा का छोरा गुलू घणा उत था | उने सुधारण खातेर मेरा छोट्ला मामा जो आर्मी में करनल था अपनी गैल्याँ देहरादून ले गया एर उड़े एक आर्मी स्कूल में भारती करवा दिया | जब वो १० एक साल का था एर ४थि ५वि में पढ्या करदा |मेरे मामा की गैल्याँ वो ऑफिसर मेस में भी जाया करदा | उने उडे एक बेरा पटा लिया एर कदे-कदे एक्ला जा कें १-२ पेग दारु पी आंदा आपने काका के अकाऊंट में लिख्या कें(ऑफिसर मेस का बिल मिनेहे में एक बे आया करे ) | मेरा मामा दारु पीया कोणी करदा | एर जब मिन्हे के आखिर में मेस का बिल आया एर जब उनने ट्रांससेक्सन देखे तो माथा ठिनका अक यो मेरे अकाऊंट में की का बिल जोड़ दिया | फेर तो उस बेरे की भी हजामत होई| एर गुलू अगले मिन्हे में फेर वापस मोडल स्कूल रोहतक में ल्या गेरा |
 
जिब हाम नोमी दशमी म ए पढ़ण जाया करते | म्हारा बालका का वो ए जत्था जो सिरसम म पकोड़ी बनावे थे हाम जाण लागरे स्कूल म | हाम स्कूल के गेट प पहोचगे थे म्हारे म्ह तै एक बालक नु बोल्या रे स्कूल म जाण का जी कोणी कर रह्या म्हारे बी नु कहते ए मन म आगी, हाम गेट म बड़ते इ उलटे मुड़ गे | इब प्रिंसिपल न देख लिए जाते हाण, इब हाम खेता ए खेत जाण लागरे पाछे न मुड़ के देखा तो प्रिंसिपल अपणी गेल दो मास्टरा न लिए आण लाग्र्या | हाम भाज लिए म्हारे म्ह एक बालक घणा उत सा था वो भाजता-भाजता पड़ग्या आर हासण लाग्ग्या आर मास्टर धोरे सी आये न जिब भाज लिया आर भाजता-भाजता प्रिंसिपल न न्यू बोल्या ताऊ राम-राम | फेर वे म्हारे कई किला पाछे भाजे सिरसम आर चना म्ह क | हाम थाए नही, आगले दिन प्राथना के टेम प हाम खड़े कर लिए सबकी साहमी आर (वो हमने न्यू कहया करता अरे घुघुओ अरे दांदडूओ पढ़ लिया करो ) बोल्या मेरी जुतिया क आज ताहि माट्टी कोणी लागी आर थमने मेरे गोड्या ताहि खार चढ़ा दिया | मै तो बच्ग्या था क्योकि मै पढ़न म ठीक था, म इण बालकां न कई ब बचाया करता ज्या तै इनने खड़े होती हाण न्यू कहदी आक तू मतना खड़ा होवे हां न्यू कह दयांगे आक यो नही था म्हारी गेल | वो प्रिंसिपल न्यू बोल्या थमने मेरी छाती म राद गेर दी मै थार के करु | न्यू करते-करते उके घणा करड़ा छो उठग्या आर बोल्या मुर्गे बण ज्याओ सारे आर एक बालक न बोल्या खड़ा करके आक जा रे छोरे हथोडा लेके आ घंटी बजाण आला वो हथोडा लाया, था तो वो हथोडा काठ का पण स्र म घणा करड़ा लागे था | स्र आर कड़ म घणे करड़े मार दिए थे सार्या क | आर जूण-जूण से क मारता जावे था वे कुह्ल्ते-कुह्ल्ते भीतर कमरे म बड़ते जावे थे , आर आखर म उस छोरे का नम्बर आया जीने प्रिंसिपल ताहि राम राम करी थी आर इब ज्यू ही उके हथोड़े मारे ज्यू ही वो हासे था वो और घणे करड़े मारे आर वो घणा हासे था जो सरे पड़े-पड़े कुल्हे थे वे सरे हसण लाग्गे | सार्या का दर्द मिट ग्याँ उकी पिटाई देख क | मजा आग्या पिटाई देखण म |
 
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जिब हाम नोमी दशमी म ए पढ़ण जाया करते | म्हारा बालका का वो ए जत्था जो सिरसम म

ghanaa majaa aagyaa bhai pedh kein,wo maar khaa kein bhee haanseniyaa chhoraa makhaa haansi kaa suwaa luwaaryaa thaa ke .jo darad naa hovey thaa.
 
म्हारी गाळ म एक लंगड़ा डुंडा छोरा स | ओ भारने ए गाळ म खड़ा रहवे सै मोके की तैलाश म, जद बी कदे कोई गाम म बहार का आदमी आवे तों वो उसे तै बुझे आक फैलाणे का घर कुणसा सै | आर वो न्यू कहया करे आक मै बता दयुंगा आर उसकी गेल बैठ जाया करे चाए तै मोटर स्य्क्ल हो चाए कोए गाड़ी हो, आर घर इस गाळ म होगा तों परली गाळ म्ह क ले ज्यागा मज्जिक लेण खातर | एक दिन के होया आक वो भारने खड़ा आर मोटर स्य्कल आला आया आर उने मेरे काका हार क घर जाणा था उने उड़े ए बुझा जित घर था वो बोल्या चाल म बताऊ सु तन्ने घर | आर वो बैठ लिया उकी गेल आर पुरे गाम म हंडा लाया उने आर उड़े ए लाके छोड़ दिया जित बैठा था, बोल्या यो है उनका घर वो आदमी नु बोल्या आक अड़े तै तों हाम बैठे थे वो डुंडा न्यू बोल्या या ए तों अपनी स्टाइल सै आर फेर भाज्ग्या | वो आदमी भीतर न गया आर काका हार तै या बात बताई तों सारे जोर तै पाट्टे | काणे, लंगड़े , टुंडे म एक एब बती पाया ए करे |
 
म्हारी गाल में एक बुढा था होस्यारा (वो -ए जो चिलम लें -ए हांडया करदा ) | उका गाल आल्याँ गेल किस्से बात पे रोला होग्या | एर चोमास्याँ के दिन थे , उने आपने घर के आगे बंधा ला लिया | एर जब ठाड़ा मीं बरस्या तो सब के घरां में पानी बडन लाग्या | गाल आल्याँ ने सब नु कट्ठे हो कें एर वो बंधा तोड़ दिया | उडे महारा भी एक पुराना घर था | हाम ऊमे तुड़ा -लाकडी एर फालतू के सामान गेरे राख्या करदे | महारा घणा सारा तुड़ा खराब होग्या |हाम ४-५ बालका नु पलान बनाई एक ई गेलयाँ इस्सा काम कर्या जा अक यो इन्ने जीवे याद करे | उका आधा घर कच्चा था एर आधा पक्का | कई दिन पाछे जब कसूता ठाडा मीं बरसन लाग्र्या था हाम राफडा(खोदना ) ले कें ने चढ़ गे उकी कच्ची छात पे एर आछा बड्डा मोघा कर दिया | आधे घंटे में जब उकी पोली माँ के खाल चाल्या जब उने बेरा पाट्या | इतने ऊके ओब्र्याँ में जोहड़ बन लिया था |
 
म्हारे गाम में दुसरे ठोले में एक छोरा था | उका नाँ ढीमसरा धर राख्या था | एक तो उका सर घना बड्डा था उप्पर तें करडा घणा | वो किस्से हो तें सर भिडान की शरत ला लिया करदा | एर हमेशा जीत जांदा | उका सर एर आँख थे भी मारने झोट्टे बर्गे | एक बे गाम के एक दुसरे ठोले का छोरा आया एर उने वो चैलेंज कर दिया | दोनु ठोल्यां के ३०-४० बालक कट्ठे हो गे बणी में | एर भाई शरत लाग गी १००/-१००/- रापियाँ की | मुकाबला सुरु हो गया | दोनु १५-२० मीटर तें भाज कें आन्दे एर टक्कर मारदे | दो टक्करआन में-ए वो चेलंज कार्निया छोरा भें बोल गया | पर हट्या कोणी एर आगली बार ढीमसरा भाज कें आया टक्कर मारण खातर तो ऊने एक खूंड पड्या था ऊके सहारे वो ठा कें अडा दिया | कसूता खुड्का होया पर ढीम्सरा उने भी सह ग्या | एर शरत जीत ग्या | पर जब पाछे गाम में कस्से की हिम्मत नि होई ऊ ताहि चेलंज करण की |
 
माहरी तीन हानिये दोस्ताँ की तिकड़ी थी में ,सुरेंदर एर नरेंदर ( वे-ए जीन्ने गिहूआँ की ट्राली बेचीं थी ) | जब हाम चोथी-पंचमी में पढ्या करदे | किहे बात पे नरेंदर मेरे एर सुरेंदर तें रूस गया था | एर दिवाली का बखत था | नरेंदर हर बड्डे जमींदार थे | उंने एर वे १०-१२ भाई- भाण थे , उनने सारयां नु एक-एक टोकरी भर कें फठाके मिल्या करदे | पर वो उनने बजान में डर्या करदा | एर हाम नु गिनती के फटाके मिला करदे | हाम पहलम आपने बजा लेन्दे | एर फेर ईकी टोकरी फटाक्यां की भरी हाम-ए बजांदे | एब्ब वो रूस गया एर ना तो उपे फटाके बजाये जांदे एर ना हाम्नु बजान नु मिले | मन्ने उकी टोकरी में एक फटाका बगा दिया | एर dhooooooooooooooommmmmmmmmmmmmm--dhadaaaaaaaaaaaaammmmmmmmmm फेर वो कददे म्हारे तें नि रूस्या | एर सारी आल्बाद हामने कट्ठी करी |
 
bhai uka sar tha aak bhatha tha jo uke laagya koni karti aar ve minda ki dhall kyu lade the. dur dur tai bhaj ke.
म्हारे गाम में दुसरे ठोले में एक छोरा था | उका नाँ ढीमसरा धर राख्या था | एक तो उका सर घना बड्डा था उप्पर तें करडा घणा | वो किस्से हो तें सर भिडान की शरत ला लिया करदा | एर हमेशा जीत जांदा | उका सर एर आँख थे भी मारने झोट्टे बर्गे | एक बे गाम के एक दुसरे ठोले का छोरा आया एर उने वो चैलेंज कर दिया | दोनु ठोल्यां के ३०-४० बालक कट्ठे हो गे बणी में | एर भाई शरत लाग गी १००/-१००/- रापियाँ की | मुकाबला सुरु हो गया | दोनु १५-२० मीटर तें भाज कें आन्दे एर टक्कर मारदे | दो टक्करआन में-ए वो चेलंज कार्निया छोरा भें बोल गया | पर हट्या कोणी एर आगली बार ढीमसरा भाज कें आया टक्कर मारण खातर तो ऊने एक खूंड पड्या था ऊके सहारे वो ठा कें अडा दिया | कसूता खुड्का होया पर ढीम्सरा उने भी सह ग्या | एर शरत जीत ग्या | पर जब पाछे गाम में कस्से की हिम्मत नि होई ऊ ताहि चेलंज करण की |
 
म्हारे गाम में एक सावलिया बानिया था (वो-ए जी के हाम ने आले चने बेचे थे ) | ऊका घर दुकाना आली गाल में था | एर ऊस्से गाल में चेते का घर भी था ( यो वो -ए चेता जी के पोते ने दुसरे बुड्ढ़े ताहि नु कही थी "आजा गोबर खा ले " ) बानिये का बयोंत आछा था | ऊने आपनी छोरी का रिश्ता दिल्ली कर दिया | एर जब रात नु बरात आई ( बानिया के बियाह रात नु होया करें ) तो चेते के उड़े पोंच्गे एर उन माँ ते एक नीर नाँ का पोता था उने उस बंदडे की माला तोड़ ली वा ११०००/- की थी | उन दिना में इतने रपिये लाख की बराबर होया करदे | बानिये आये कट्ठे हो कें चेते धोरे | बोले अड़ जमींदार थारा पोता म्हारे बन्दाड़े की माला तोड़ ले गा या तो म्हारी बेजती की बात से | चेता नु बोल्या बानियो गलती थारी से | एक हाम थारे पडोसी उप्पर तें हाम तमने जिम्मन भी ना बुलाये एब्ब तो थारी गेल्यान नु -ए करना पडेगा | फेर बानिया ने चेते के सारे कुनबे ताहि चुह्ला न्योंद दी जब जा कें उन् की माला उलटी दी | एर जब पाछे सारे गाम में किस्से भी बानिये के घरां बियाह होंदा | चेते के चुल्हा न्योंद जरूर होंदा | एर चेते के परिवार में थे भी ४०-५० मानस | आग्लाया का कती धुम्मा काढ आंदे |
 
kasai ek bar hamne bhi mahal todti han bitoda fuk diya tha bhot joot lage the us din yade rahwega
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एक बे खरसाँ का टेम था आर हाम चार जणे ताश खेला थे तो एक जणा नु बोल्या मै तै सोऊंगा मन्ने नींद आव्वे सै, आर जै यो सोवे, ते तासा मै एक जणा कम पड़े था, तास कोणी खेली जाती तिन जणा म | हामने घणी ए मना करी आक सोवे मतना, पर वो मान्या कोन्या आर सो ग्या | फेर हामने के करा जिब वो करड़ी नींद म सो लिया था जिब उकी च्प्पला क गोबर ला दिया आर उके हाथा म पहरा दी वे चप्पल | आर एक तागे की बाती बणा के उके नाका म दे दी इब वो रगड़न लाग्या तो सारा मुह गोबर का हो ग्या आर इब हांडे रात ने नहाता | उके पाछे आज ताहि म्हारे आगे कदे न्ही सोया है आर सोवे बी सै तो चेत म सोवे सै | बनः था कुम्भकरण का चाचा |
 
एक बे मेरे मामा के छोरे गुलू की गेल्याँ ऊके दो दोस्त आगे मेरे धोरे मुंबई | उन् में तें एक का नाँ खुंडा ( रणबीर सिंह ) धर राख्या था | एर दुसरे का इब्ब याद कोणी मान लो रुंधा था | rundhaa घना सोया करदा एर ऊँ था कती मरियल सा | एर बात-बात में सारी हान नु कहे जाया करदा " पटक दूंगा ठा कें ) एक दिन वो दुफारी में घना करड़ा हो के सोवन लाग्र्या ठा | मुधा हो कें | एर वो पट्टी आला कछा पहरा करदा | गुलू ने एर खुंडे ने मिल कें ब्लेड तें उका गैल तें कछा काट दिया एर अचानक उने ठा कें लेगे बालकनी में एक तन्ने एक छोरी बूजे से एर नून तें नून हैण्डआन लागे अक आड़े सी खड़ी -आड़े सी खड़ी थी | महारली बिल्डिंग के सामी दूसरी बिल्डिंग थी | वे लोक ओन्ने देख-देख हांसे | जब ऊने बेरा पाट्या अक ऊ गेल्याँ के कर राख्या से | बिचारा कई दिन बाहर कोणी लिकड़ा |
 
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एक बे खरसाँ का टेम था आर हाम चार जणे ताश खेला थे तो एक जणा नु बोल्या मै तै सोऊंगा मन्ने नींद आव्वे सै, आर जै यो सोवे, ते तासा मै एक जणा कम पड़े था, तास कोणी खेली जाती तिन जणा म | हामने घणी ए मना करी आक सोवे मतना, पर वो मान्या कोन्या आर सो ग्या | फेर हामने के करा जिब वो करड़ी नींद म सो लिया था जिब उकी च्प्पला क गोबर ला दिया आर उके हाथा म पहरा दी वे चप्पल | आर एक तागे की बाती बणा के उके नाका म दे दी इब वो रगड़न लाग्या तो सारा मुह गोबर का हो ग्या आर इब हांडे रात ने नहाता | उके पाछे आज ताहि म्हारे आगे कदे न्ही सोया है आर सोवे बी सै तो चेत म सोवे सै | बनः था कुम्भकरण का चाचा |

chokhaa neend me chaatyaa koni.
 
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