albaadi baalkaan key kissey.

Bhai Ravinder tere Sare kisse badiya he. Inne ek jigah kathe karle aur koi kitab chapvale.

haan bhaai vipin ,chhapwaaoongaa,meri kavitaaon ki teen pustake jo mene apni patni ko smarpit ki hein ,aur uskey kahney par hi meney unko chhapwaaney kaa man banaayaa thaa , iss samay proof reading me sein ,wey chhap leyngi fer inn kissyaan pe kaam suru karoongaa.
 
जब में छोटा-ए था | लगभग ३-४ साल का रह्या होउंगा | मेरा बाबू हामने फोज में गेल्याँ लेगा | उडे जो कवाटर मिल्या ,उसमे रसोई का बहरणा बाहर पड़े था | जुकर फोजी गाम माँ तें जावें ,तो घणा खावण का सामान ले जाया करें ,नु-ए हाम भी ,किम्मे-किम्मे बाँध के ले जा रे थे | एक तीन या चार किलो की गुड की पीपी भी थी ,म्हारे सामान में | में गुड खावण का लाड़ा था | मेरी माँ मन्ने खावण ना दिया करदी, अक दंद खराब हो जयांगे | एक दिन मन्ने ,जब मेरी माँ और लूगाइयां गेल्याँ गल्ले-बत्ते ला री थी , एर ऊह का ध्यान कोणी था ,मेरे कानी | में ऊह पीपी नु ठा ले गा, पड्काले माँ के , एर छात पे ले जा धरी | अक उड़े लूकमा खाया करूंगा | आगले दिन जब मेरी माँ ने वा पीपी ना पाई ,तो कई लूगाइयां ताहि बताई ,अक म्हारी गुड की पीपी चोरी होगी | लूगाइयां ने एक और लुगाई का नाँ ले दिया ,अक या चोरी करया करे | मेरी माँ गई ऊह लुगाई गेल्याँ लड़अन | अक तन्ने महारा गुड चोरी कार्या स | फेर जब या बात फेल गी, तो एक फोजी ने बताई ,अक दो दिन पहलम थारा छोरा एक पीपी छात पे घशीट के ले जावण लाग्र्या था | फेर मेरी माँ जा कें ठा कें लायी ,एर मेरी करी धुलाई |
 
एक बे विशवकर्मा स्कूल में जोनल साइंस फेयर लाग्र्या था | यो स्कूल रोहतक में झाझर रोड पे पड़े स | म्हारे हेडमास्टर ने तेथन भाड़े पे कर दी, अक जो बालक जाणा चाहवे वे चाले जाँ, ऊह में बैठ के | हाम १५-२० जाणे चाले गए ,पढ़ाई तें भी छुट्टी मिल गी | उड़े साबत दन हंडे गए, दोफारे पाछ: लागी भूख| किस्से धोरे पिस्से थे-ए कोन्या | किम्मे माडे- मोटे केले म्हारे साइंस मास्टर ने खुवा दिए ,पर २० जट्टां का पेट उन् तें थोड़े -ए ना भरे था | जित म्हारे स्कूल का स्टाल लाग्र्या था ,ओडे-ए किस्से और गाम के बाल्कां का भी स्टाल था | जब हाम भूखे मरदे, उराँ-पराँ हांडअन लागरे थे,उनका मास्टर उन्खातर तीन चार दर्जन केले एर संतरे ले आया | एर जिब्बे इनाम देवाण का एलान होगया ,एर सब जित वो परोगराम चाल रया था, उड़े चाले गए ,एर बाकी देखनिए बालक बहार काढ दिए | म्हारी तो जीभ लप्लपावे थी | हाम पहलम तो बहार लिकड़ गे ,एर फेर जब सब जा लिए तो ओटडे पर के कूद के, फेर उनके स्टाल माँ तें उनका सोदा काढ लाये | जब जा कें माडा पेट में किम्मे पड्या | हाम तो सांझ सी के आपनी तेथान में बैठ कें घरां आगे ,उन् बेचार्याँ नु किम्मे मिला अक नि बेरा ना,जिनका हाम ने चोर कें खाया था |भूखे चोर |
 
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एक बे विशवकर्मा स्कूल में जोनल साइंस फेयर लाग्र्या था | यो स्कूल रोहतक में झाझर रोड पे पड़े स | म्हारे हेडमास्टर ने तेथन भाड़े पे कर दी, अक जो बालक जाणा चाहवे वे चाले जाँ, ऊह में बैठ के | हाम १५-२० जाणे चाले गए ,पढ़ाई तें भी छुट्टी मिल गी | उड़े साबत दन हंडे गए, दोफारे पाछ: लागी भूख| किस्से धोरे पिस्से थे-ए कोन्या | किम्मे माडे- मोटे केले म्हारे साइंस मास्टर ने खुवा दिए ,पर २० जट्टां का पेट उन् तें थोड़े -ए ना भरे था | जित म्हारे स्कूल का स्टाल लाग्र्या था ,ओडे-ए किस्से और गाम के बाल्कां का भी स्टाल था | जब हाम भूखे मरदे, उराँ-पराँ हांडअन लागरे थे,उनका मास्टर उन्खातर तीन चार दर्जन केले एर संतरे ले आया | एर जिब्बे इनाम देवाण का एलान होगया ,एर सब जित वो परोगराम चाल रया था, उड़े चाले गए ,एर बाकी देखनिए बालक बहार काढ दिए | म्हारी तो जीभ लप्लपावे थी | हाम पहलम तो बहार लिकड़ गे ,एर फेर जब सब जा लिए तो ओटडे पर के कूद के, फेर उनके स्टाल माँ तें उनका सोदा काढ लाये | जब जा कें माडा पेट में किम्मे पड्या | हाम तो सांझ सी के आपनी तेथान में बैठ कें घरां आगे ,उन् बेचार्याँ नु किम्मे मिला अक नि बेरा ना,जिनका हाम ने चोर कें खाया था |

punch line bhool ge.....भूखे चोर
 
म्हारी गाल में एक छोरा था ,धीरे (धीर सिंह )इब्ब तो वो बड्डा लोग होरया स | ऊँ तो वो म्हारे तें आछा बड्डा था ,पढ़ाई में भी आछा पढ़ाकू बताया करदे उन्हें | ऊह के बाबू ने कयाएं बात पे ऊके मार दिए | वो रूस कें भाज गया घर तें ,एर रोहतक रेलवे स्टेसन पे बैठ गा जा कें | इब्ब एक आध दिन तो काढ लिया ,थोड़े भोत पिस्से ले रया होगा वो ,उन्हें पर भूख भी लागे ,करे के | किस्से रिश्तेदारी में जावे तो बेरा पाट जा | किस्से फोजी की तडके-तड़क की ट्रेन थी, एर वो रात नु आ के बेठ गा था टेशन पे ,आपना बक्शा एर होल-डोल ले कें | बात-बातां में धीरे तें ऊह की जाण पिछाण हो गी ,एर वो फोजी जिस गाम का था, उससे गाम में ऊह की मोसी बियाह राखी थी | तो माडा- मोटा धीरे ने ऊह के गाम के बारे में बेरा था | धीरे पोंच गा तडके तड़क , उनके गाम में | एर उनके घरक्याँ ताहि बोल्या, अक सतबीर (काल्पनिक नाम ) की गोझ कट गी,एर वो आपने सामान धोरे बेठा स ,टेशन पे | एर उने में भजाया सूँ , अक तावाला सा म्हारे घर तें २०० रपिये लिया (उस बखत २०० रपिये घणे होया करदे ) | ना तो वो रिपोर्टिंग नि कर पावेगा टेम पे, एर ऊह की पेशी लाग जा गी |घर के सीधे माणस थे | धीरे ले कें पिस्से ,एर जोर तें आया | चार पांच दिन उराँ-पराँ धक्के खा कें आग्या गाम में | इतने उनके घरक्याँ के भी ढीढ आ ली | पाछे यो धीरे भी फोजी बन्या था |ईह की गोझ किस्से नु काटी अक नि बेरा ना | ऊँ भी धीरे काम काढअन में आज भी म्हारी गाल में महशूर स | काम काढू धीरे |
 
Jib hum paachvi me padha karte to ek chore aya naya mhari class me uske papa army me the to unhe delhi ana pada tha. wo chora math me ghana tez tha jo bhi sawal teacher diya karte wo phat de si kar k khada ho jaya karta dikhan khatar ..............mere uska ghana cho utha karta (mera math me hath ghana tang hai) jib wo kahta sir ho gaya mera jee karta uski copy ne paad dun ...........wo ghana reejh reejh dikhaya karta sabne ...........ek be sab prayer me chale gaye ar kisi bahane te class me e rook gi ar itne sab aaye mane us chore ki math ki copy kadh k uske home work wala page paad diya . class me master ne poocha sabte home work kar k laaye ho to wo sabte pahle bola haan ji ar copy kadhi te kuch b ni paya master bola tu badhiya baalak hai nu majak nhi kara karte ar tame pe kaam kar liya kar par mara ni mera jee koni laga fer mane 3- 4 din to lagatar yo e kaam kara bus fer master k cho uth gaya ar mare uske kai baint ...........jib jee me jee sa aya ........
 
Jib hum paachvi me padha karte to ek chore aya naya mhari class me uske papa army me the to unhe delhi ana pada tha. wo chora math me ghana tez tha jo bhi sawal teacher diya karte wo phat de si kar k khada ho jaya karta dikhan khatar ..............mere uska ghana cho utha karta (mera math me hath ghana tang hai) jib wo kahta sir ho gaya mera jee karta uski copy ne paad dun ...........wo ghana reejh reejh dikhaya karta sabne ...........ek be sab prayer me chale gaye ar kisi bahane te class me e rook gi ar itne sab aaye mane us chore ki math ki copy kadh k uske home work wala page paad diya . class me master ne poocha sabte home work kar k laaye ho to wo sabte pahle bola haan ji ar copy kadhi te kuch b ni paya master bola tu badhiya baalak hai nu majak nhi kara karte ar tame pe kaam kar liya kar par mara ni mera jee koni laga fer mane 3- 4 din to lagatar yo e kaam kara bus fer master k cho uth gaya ar mare uske kai baint ...........jib jee me jee sa aya ........

fer ooh chhorey ne beraa ni paatyaa.ak ye albaad ooh ki gel kinhey kari sein.priya tu ,naam tein toh albaadi naa laagti.
eeh mey ek panch line jod dey "priya kaa jissa"
 
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fer ooh chhorey ne beraa ni paatyaa.ak ye albaad ooh ki gel kinhey kari sein.priya tu ,naam tein toh albaadi naa laagti.
eeh mey ek panch line jod dey "priya kaa jissa"

hahahahhaha haan na naam te laagti ar na shakal te meri maa kisi te meri koi albad batawe te koi yakeen nhi kara karta nu kaha kare sab priyaaaa te ghani sudhi chori hai:p:p:p:p
 
एक बे म्हारे ओ. आई. सी.(प्रिंसिपल) ने कह दी ,अक होस्टल में जित्न्ने रहनिये बालक सें ,वे आप-आपणा कमरा सुथरा बणावेंगे | एर जिस गरुप का कमरा सबतें सुथरा पावेगा ,उन् ने अनुअल फंक्सन में ट्राफी दी जावेगी | एर हर कमरे की किम्मे थीम होनी चाहिए | मन्ने एक-ए साल होया था आड़े (मुंबई ) में आयें | तो हाम जूनियर में गिन्ने जाया करदे | में गाम में जार्या था | एर जब आया तो बेरा पाट्या अक आगले-ए दिन इन्स्पेक्सान स | में मेरे आले कमरे का इंचार्ज था | जिस में २०-२५ जाणे रह्या करदे | कमरे घणे बड्डे-बड्डे थे | एर बालकां ने किस्से ने भी आगा ले कें किम्मे ना कर्या | इब्ब किस्से धोरे इन्ने पिस्से भी कोणी होया करदे, अक मार्केट तें-ए किम्मे ल्या कें ला देंदे | मन्ने सारे होस्टल माँ के हांड के देख्या ,किस्से कमरे में सीनरी लागरी ,किस्से में धार्मिक सथानां के फोटू लागरे ,किस्से में सवतंत्रता सेनानियाँ के फोटू लागरे,किस्से में नेवी के जहाजयाँ के एर टेंका के लागरे,किस्से में भारतीया कला तें सम्बंधित फोटू लागरे | मन्ने मेरे बेचीं बोले ,तू एक दिन में के कर ले गा | ऊँ भी तू जाट स ,तेरी बुधि तो गोड्डयाँ में स | पिस्से देवण नु भी कोए तय्यार कोणी | मेरा चित्रकारी करण का शोक स ,एर में ठीक ठाक चित्र भी बना लिया करदा | पर बखत तो कोणी मिल्या | मन्ने म्हारे होस्टल सुपरिडेंट(वो-ए मराठी माणूस जिह का मन्ने पहलम भी जीकर कर्या था ) तें कह के आपणी ,एर एक और छोरे की आगले दिन की होस्टल डुयूटी लूवा ली | आगले दिन शनिवार था, एर आधे दिन में छुट्टी होणी थी, एर दोफारे-ए इनास्पेक्सान होंणा था | मेरे धोरे चार घंटे थे ,किम्मे करण के | मन्ने एर उस दुसरे छोरे ने मिल के ,सारे कमर्याँ माँ तें एक-एक फोटू तार ल्या-ए | एर महारा कमरा भी सुथरा होगया ,चमक्ग्या| जब ताहि बालक होस्टल में आये इतने इन्स्पेक्सान सुरु हो लिया था | जब महारा प्रिंसिपल म्हारे कमरे ताहि आया (पहलम सीनियरआँ के कमरे चेक होए थे ) वो नु बोल्या ,तुम्हारे कमरे की कोई थीम नहीं हे | में बोल्या ,सर जी ,मुंबई छोटा भारत हे ,हमारा होस्टल छोटा भारत हे ,उस्सी प्रकार हमारा कमरा भी छोटा भारत हे,और सब राज्यों के लड़के इस में रहते हैं | मेने जब सब की मीटिंग ली ,तो सब ने अपने -अपने सुझाव दिए ,इस लिए में किसी को नाराज नहीं करना चाहता था | कयोंकि कमरे में हम सभ को रहणा हे ,इस लिए सब की रूचि का ख़याल रखना जरूरी हे | मेने थीम की बजाय ,सब की रूचि को प्राथमिकता दी | ये भी तो एक थीम हे | महारा प्रिंसिपल घणा राजी होया | एर पाछे होस्टल आले बालक हंडे कु-कु करदे जिनकी फोटू चोरी होई थी | स्टेज पे में-ए खड्या था ट्रोफी लवणइया | पाछे में बोल्या अक भाई महारा दीमाग गोड्डयाँ में स ,जब हाम बेरा नि के-के कर दयां सां ,जा खोपड़ी में आग्या ना , तो बेरा ना के होज्या गा | बावले जाट्टां के श्याणे काम |
 
या बात मेरे नु याद आगि अक एक चुटकला छाप्या स "जाटनी का प्यार" हूमर सेक्स्सन में या साची घटना स . म्हारे गाम की एक छोरी का बियाह होगया .वा छोरी भी आछी उत थी ,ऊह के ७ भाई सें ,सारे कसूते उत थे . उनका कई अल्बाद्याँ में भी मन्ने जीकर कर्या स .ऊह का पति फोजी था . तो पहली रात नु जब वे मिले तो वा बोली अक तू के कर्या करे (ऊँ तो वा B.A. कर री थी , पर मखोल भोत कर्या करदी ) वो फोजी बोल्या "i am armyman" जुकर फोजी खामखा की अंग्रेजी बोल्या करें .वा छोरी बोली "घणी बकवाद करण की जरूत ना स .तू मन्ने तो लींडीमेन लागे स ." फेर जब वो जब भी ऊह छोरी नु लेवन आंदा तो सारी साली ऊह की , उहने लींडीमेन कह के चीडाया करदी.
 
म्हारे गाम में एक ठोला (पाना ) स "बगड़ "| उन् बगड़ आल्याँ की गाल में एक छोरा था | मन्ने ऊह का नाँ तो कोणी बेरा, (मान लो "जोरा" स ) पर मेरे ताहि जब में ,गाम में गया तो ,किस्से ने या घटना मेरे ताहि बताई थी | वो १४ -१५ साल का रह्या होगा | उनकी गाल में एक अमरुद बेचनीया आग्या , जो लोहे एर दान्याँ के बदले अमरुद देवण लाग्र्या था | एर जोरा एर ऊह के हाण एक दोस्त देहलियाँ पे बेठे थे | वो अमरुद आला तीन पहिया आली रिक्सा ले रया था ,जो गेल तें समान ढोवन की हो स | वो ऊह रेहड़ी आले तें बोल्या अक रे म्हारे ओबरे में एक गर्डर पड़्या स एर मेरे तें उठता कोणी ,तू बड्डा से जा बहार काढ दे ,तो हाम सारे के अमरुद ले ल्यां गे | रेहड़ी आला आग्या लोभ में | जोरा अपने दोस्त ताहि उस रेहड़ी की रुखाल करण की कह के , एर रेहड़ी आले की गेल भीतर चाल्या गया | उह ने आपने दोस्त ताहि पहलम-अ कह दी थी, अक के करणा स | रहड़ी आला एर जोरा दोनु लागे उह गर्डर नु ठावण की कोशिश में | माड़ी वार होगी, एर उन् पे वो उट्ठया कोणी, तो रेहड़ी आला बहार आया तो रेहड़ी पायी कोणी | वो हंडे भाजता आपनी रेहड़ी का मार्या | माड़ी वार जोरा ऊह की गेल हांडया एर फेर स्कूल कानी हो लिया | उड़े पंचाती खेल होवण लागरे थे | ऊह का दोस्त रेहड़ी नु उड़े ले जा लिया था ,उनकी अगाऊ पलान के अनुसार | उन् ने तो २ घंटयाँ में बेच कें अमरुद डाकयाँ गए एर रेहड़ी धका दी जोहड़ में | वो रहड़ी आला बेचारा सारे गाम में खा कें धक्के ,एर एक पञ्च नु ले कें आया उनके घरां | जोरा नाटग्या अक ईह के धोखा हो रया स , में तो आड़े था-अ कोणी ,खेल देखण जा रया था | इतने गाम के छोटे-छोटे बालक जोहड़ में नाहनिया ऊह की रेहड़ी में मझक लवण लागरे थे | फेर वो बेचारा रेहड़ी आला घने कमावन के चक्कर में आपणा भी खो के गया | आधी छोड़ पूरी को धावे ,आधी मिले ना पूरी पावे |
 
जुकर मन्ने पहलम भी बताई थी , में घणी कम उम्र में-ए म्हारे डिपार्टमेंट का यूनियन लीडर चुन लिया गया था | लगभग २१ साल का रह्या होउंगा | एर महारा जी.ऍम.जो की केपटन होया करे (नेवी का )आर्मी के बर्गेडियर के बराबर , वे घनखरे ५० साल की उम्र के आस पास के पोंच जाँ सें , इस पोस्ट के लायक होणे में | इब्ब उन् ने सारी हाण मेरी जरूत पड़े , प्रोटोकोल के हिसाब तें मेरी हाँ के बिना वे कोए नीतिगत नीरणय ले के, लागू नि कर सकदे थे | जब ताहि मेरे ढंग सर ढाढी- मुछ भी ना आई थी | एर उन् ने बड़ा कोफ्त हो इससे बालक से लीडर की गेल बात करदी हाण | वे सुरु में तो मन्ने ऊँ-ए लारे थे,अक जाट स ,कित अक्कल हो गी | पर मन्ने जब उन् के पाशने पड़वाये ,जब उन् के समझ में आई अक इतना बुधू बालक भी ना स यो | महारा जी.ऍम उस टेम एक शरनाअर्थी शर्मा था ,दिल्ली का | वो भोत चिडा करदा मेरे तें | एक दिन मेरे ताहि बोल्या "बलहारा इबके तू बस में कोणी आया ,पर आगले जनम में ,में पुलिस ओफ्फिसर बनुगा एर तन्ने जेल में गेर दूंगा "|(आड़े सरनेम तें बुलान की आदत से मुंबई में ,ज्यां तें मन्ने मेरे गोत के नाम तें-एजान्या करदे ) | में बोल्या " सर जी जा आप पोलिस ओफ्फिसर बनोगे ,तो में नेता बणुगा एर आप ने गढ़चिरोली(नक्सल इन्फेक्टेड इलाका स महाराष्टर का, एर किस्से ताहि सजा देणी, हो या बे-मोंत मर्वाणा हो तो इस्से अफसरां का महाराष्ट्र में उनका तबादला उड़े कर दिया करें ) टरआँसफर कर दूंगा | ऊह शर्मा का मुंह देखण जोगा था | उहने इतणा भुंडा करड़ा जबाब मीलन की कती उमीद ना थी | जाट रे जाट १६ x 2= ८ |
 
जब मेरे छोट्ले मामा की कोठी माडल टाऊन में बणन ने होरी थी ,एर छोटे मोटे काम रह रे थे | पर उन् में भी ३-४ मिन्हे लाग सके थे | जयां तें मेरे मामा ने में उडे बुला लिया | इस तें पहलम भी मन्ने एक हब्ब्शियाँ की घटना का जीकर कर्या था ,पर वो पूरी बणे पाछे का जीकर था | उडे मेरे मामा का साला भी रहवे था | वो चोधरी छोटूराम पोल्तेक्निक में डिप्लोमा कर्या करदा | तो दिन में वो पढ़न चाला जांदा , एर मेरे जिम्मे लेबर वगेरा सम्हालन का काम था | वो मोटर साइकल ले रया था | एर ठाठी छुट्टी होयें पाछे भी ऊह पे आपणे दोस्ताँ की गेल लादया हंडे जांदा | एर में उडे मजदूरां गेल्याँ लट्ठम -लट्ठआँ होया रेंदा साबत दिन | अक यो मन्ने नु कह के जांदा ,अक इतना काम आज ख़तम होणा चाहिए |
जब में आड़े रहवन आया तो म्हारी या डील होई थी ,अक हाम दोनु मिल-जुल के खाणा बणाया करांगे | दो तीन दिन तो बणाया, एर फेर डाकि आप तो कदे दोस्ताँ धोरे, एर कदे ढाबे पे खा आंदा, एर में इस खातर बनाई होई रोटी , जो बच जांदी, वे बास्सी रोटी खांदा | कई बे कही अक मेरे पे ऐकले पे ना बन्न्दी ,तू आज्या कर | पर ऊह धोरे तो पिस्स्याँ का कंट्रोल था | आपणी मर्जी तें खर्च करदा , आपणे जीजा के पिस्से , एर मन्ने आपणी आप पाथ कें खाणी पड़दी | थोड़े दिना पाछे पिस्से ख़तम होवण ने हो गे, एर मेरे मामा ने पिस्से भेजण में ढील ला दी | तो इस ने फेर मेरी गेल ख़ाना सुरु कर दिया | में इह तें चिड तो रह्या था | में कद्दे घणी मिर्च गेर देंदा साग में | एर कदे रोटी जला देंदा | ऊह की हालत खराब होगी | एक बे वो बोल्या अक में एर म्हारे दोस्त आज रात नु आड़े-अ खाणा खावांगे , तू बणा कें तैयार राखिये| मन्ने आपने जोगा बणा कें एर बाकी चुन एर सब्जी लूको दी ,नु बतान खातर अक ख़तम हो गी | में तो बणा ,खा कें सो गा आपणा | एर शायद कोए फिलम देख कें आये वे , वारी सी आधी रात पाछे | एर आ कें लागे भांडे बजान | किम्मे हो तो पावे | वे सारे ऊह रात नु भूखे सोये २-३ बे मन्ने वो भूखा सुवाया जान बुझ के | जब जा के शीलक पड़ी मेरे दिल में |
 
गुल्लू फोगाट ने एक जोंगा ले राख्या था | एर उसके पाछे एक लाल रंग का तारा (स्टार ) पेंट कर्वार्या था वो | उन् दिना ऊह की दोस्ती एक छोरे गेल्याँ आछी चाल री थी | वो छोरा रेडियो स्टेसन धोरे एक प्राइवेट स्कूल चलाया करदा ,एर वो छोरा था हरयाणा परदेस कमुनिस्ट पार्टी का सेक्रेट्री | तो वो उस तें परभावित हो रया था | साबत दिन ऊह जोंगे नु रोहतक माँ के लिये हंडे जांदा गुलू | जब ताहि में भी सरकारी नोकरी लाग लिया था , एर जब अनुअल छुट्टी पे जांदा तोह हाम दोनु उस जोंगे पे लदे हंडे जांदे रिश्तेदारियां में | एक दिन हाम तलियार पे हांडअन लागरे थे | उड़े दो-तीन हब्शी मिलगे हाम ने | तलियार पे एक बार एर रेस्टोरेंट भी स | उसका मनेजर गुलू हर के गाम का था | तो हाम उस धोरे मुफ्त की कोल्ड्रिंक पी के आया करदे | हाम ने उन् हब्ब्शियाँ ताहि भी कोल्ड्रिंक प्या दी मुफ्त की, वे घणे राजी होए एर म्हारे दोस्त बन गे | वे हब्ब्शी जाट कोलेज में पढ्या करदे | कई बे वे हामने रोहतक में भी हांडते मिल जांदे | एक दिन वे हामने फेर मेडिकल मोड़ पे फेट गे | गुलू नु बोल्या आज इनके सुवाद लायांगे ,हामने वे बिठा लिए एर चाल पड़े म्हारे खेताँ कानी |म्हारे खेत रोहतक तें चार-पांच की.मी. पे पड़े थे | उन् ताहि गंडे चुन्घने एर पाड़ने सिखाये | फेर अन्धेरा सा हो लिया जब गुलू बोल्या जाओ तम और गंडे पाड़ ल्याओ | एर जब वे ईंख में बड़ गे , तो हाम आपना जोंगा भजा लयाए | फेर बेरा नि वे कुकर रोहतक आये | फेर दो-तीन बे और फेटे वे हाम ने उन् ताहि लिफ्ट देनी चाहि पर वे कती तयार नि होए जोंगे में बेठन खातर | काले भुंड दोस्त |
 
म्हारी गाल में एक था धरमपाल | वो मेरे काका कँवल सिंह के हान का था, एर उस्से गेंग का सदस्य भी था | एक बे उनके गेंग धोरे पिस्स्याँ की कमी पड़गी | ये हर हफ्ते २०-२५ जाणे तेथन में बैठ के फ़िलम देखण जाया करदे | इब्ब के धरमपाल का नम्बर आग्या पिस्से कट्ठे करण का | ऊँ भी इनका कुणबा चोरां के नाम तें परशिध था | यो वो-ए कुनबा था जो होली की लाकडी चोर्या करदा | इस ने और किम्मे तो आया कोणी आपनी बग्गी के टायर चोर कें बेच दिए रोहतक | फेर सारी गाल आले हान्स्दे हंडे अक चोरां के घर चोरी हो गी | घर का चोर |
 
जब में ३-४ साल का था | हाम मेरे बाबू की गेल उदेपुर जा रे थे | राह में आंदी हाण हाम पुष्कर चाले गए | उड़े कुंड से बण रे थे नाहवन खातर | एर उनमे मछली भी तरण लाग री थी | कई लोक उन ने चंने भी खूवावे थे| मन्ने के बेरा था अक पाणी में बडअण खातर तरणा भी आणा चाहिए | मेरी माँ एर एक दो और लुगाई तो बातां लाग गी ,एर में जा बड्या पाणी में मछली पकड़न | में गया गच दे सी ने तली में | उप्पर सीढियां पे एक पंडा ने में देख लिया गच्के खान्दा | उन्हें उप्पर तें-ए डांक मारी एर मन्ने काढ लाया | ऩा तो मछली चना की ठाआँ मन्ने खांदी |
 
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