हरयाणवी बोली में भोत सारी इस्सी चीज सें जो ढंगसर खंगाली नहीं सें | कई बे इस्सी इस्सी बातां का बेरा पाट्टे स अक बन्दा सोच नि सकदा | आज जो शीक्षआविद आधुनिक पढ़ाई की बात करें सें वो तरीके ते म्हारी गाम्डू में कददे तें सिखाये जावें सें बालकां ताहीं | अगले कई दिनाँ में कुछ इस्सी-अ ढाल की प्रस्तुती होंगी मेरी जो लुप्तप्राय होगी थी |इब्ब में उन् ने माड़ी मोटि अदला बदली की गेल छापूंगा :-
डोडो बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |...........
डोडो ने फेटया मोर ,
डोडो बेबे क्यूँ चाली गाम छोड़ ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटया उल्लू ,
बेबे क्यूँ तू स कुहलू ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेत्या सुवा ,
डोडो बेबे क्यूँ पट्ट्या हिया ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि कोतरी
उप्पर बेठी चोंत्री ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि टे ,
के होया डोडो बेबे ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या कबूतर ,
आंसू पुन्झे तले उतर ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि काबर ,
डोडो बेबे राख तूँ सबर ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि चील ,
डोडो बेबे आँख क्यूँ गई सील ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या ढूग्गा ,
डोडो बेबे के होग्या ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या बाज ,
डोडो बेबे कित चाली आज ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट चिड़िया ,
मीठी बोली की पुडिया ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि टटीहरी ,
दुःख की होई सीरी ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या बगला ,
डोडो ने देख सुबक्ला ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि कुंआर ,
डोडो बेबे तेरे तें मन्ने स प्यार ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या काग ,
डोडो बेबे मेरा प्यार गया जाग ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेटि कोल ,
डोडो बेबे किः ने दिया हिया छोल ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या खातीचिडा ,
डोडो बेबे मेरे होई बड़ी पीड़ा ,
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
डोडो ने फेट्या बेंय्या ,
डोडो बेबे क्यूँ पट्ट्या हिया ?
डोडो बता तेरे के होया ?
कुण से तेरे तें दुःख दिया ?
"में थी बेठी बाड़ पे ,
डला मार्या नाड़ पे ,
राही-राही जाँ थी ,
में के जले का खाँ थी |
----- रवि "अतृप्त "
( बालकां ने खीलान की गेल आपणे आस पड़ोस के प्क्षियाँ की भी जानकारी दिया करदे म्हारे पुरखे )