rajpaldular
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मुकाण ---|
अपभ्रंश ----यु शबद पंजाबी में घणा अर हरयाणवी में थोड़ा बर्त्या जा स |इह का शाब्दिक अर्थ ख़तम होणा हो स | पर हरयाणा में जब किस्से के मरें पाछे जावे ते न्यू कह्या करें अक मुकाण गए थे | असल में किसे गुजरे होए माणस का जो भी लेण- देण हो ,या जिम्मेदारी हो वा ख़तम कर कें किहे और ताहि दी जाया करदी ,जो भी कुनबे में योग्य हो | ज्यां तें-ए रिश्तेदारी के लोग चून अर और सौदा गेल्याँ ले के जाया करदे क्यूंकि दो तीन दिन रुकक कें अर सारा काम संभलवा कें जब आया करदे |
वाक्य में परयोग--- फूफा की मुकाण जा के आये सां |
रविन्द्र जीत जी राजस्थानी में भी 'मुकाण' का अर्थ यही है कि किसी की मृत्यु हो जाने पर मृत व्यक्ति के परिवार वालों के घर शोक प्रकट करने जाना.