haryanvi boli aur uske anokhe sabad

ठाइनग्रा भी कहया करे,,,लुगाई,,,इसका के मतबल होवे स ?


भाई कुलदीप हामने ते यु शबद कदे सुन्या कोणी ,माड़ा सा याक्य में परयोग कर के सुणा, अक इहने लुगाई कित अर क्यूकर परयोग करया करें |
 
मोलड = यु शबद एक सिद्धे -साधे गामोली माणस खातर बर्त्या जाया करे | अर किहे ताहीं प्यार तें न्यू कहणा हो अक तन्ने बेरा कोणी कयाहें का , जब बर्त्या करें |
अपभ्रंश ---- मुंह- लड़ाया ,यानी की जो सीधा-साधा सब का प्यारा लाड करया होड़ हो |
वाक्य में परयोग----- यु राकेश भी कती मोलड स, इहने क्याहें का ना बेरा
 
मोलड = यु शबद एक सिद्धे -साधे गामोली माणस खातर बर्त्या जाया करे | अर किहे ताहीं प्यार तें न्यू कहणा हो अक तन्ने बेरा कोणी कयाहें का , जब बर्त्या करें |
अपभ्रंश ---- मुंह- लड़ाया ,यानी की जो सीधा-साधा सब का प्यारा लाड करया होड़ हो |
वाक्य में परयोग----- यु राकेश भी कती मोलड स, इहने क्याहें का ना बेरा

Master of Haryanvi mr. Ravinder jeet singh ji

Katti ek chiz ka gyan le rhe ho aap ......................
 
नदान= हिंदी में नादान अर उर्दू में नादाँ कह दिया करें | ऊँ ते यु छोटे बाल्कां खातर हरयाणवी में बरत्या जावे स |
अप्भारंश ----- यु हिंदी के या संस्कृत के "ना-ज्ञान" शब्द तें बन रया स | यानी जिह का ज्ञान कम हो |
वाक्य में परयोग---- यु छोरा ते इब्बे नदान स ,ब्याहवन जोगा ना होया स |
 
[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]धोकणा= ऊँ ते इह शबद का बरताव पूजा करण खातर हो वे स |[/FONT]किये का सम्मान करणा |
[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]अपभ्रंश ---- मेरे विचार में "झुकणा" शबद धोकणा शबद का अपभ्रंश स | अर धोक संस्कृत क दाहक शबद तें बनर्या स जो की "आग" का पर्यायवाची स | इब्ब इह का मतलब क्याहें क: सामी झुक जाणा स | ज्युकर की जाट पहलम किहे की पूजा नहीं करया करदे ते , पूजा शबद का जट्टू में कोए परचलन नहीं था ,बस जा किहे का सम्मान करणा हो, ते वे उह क सामी माडा सा झुक जाया करदे | आज काल भी गामां में जा कोए शायाना या बड्डा हो तो माडा सा सर तलान कर क ने अभिवादन करया जा स | अर कोए मंदर नहीं होया करदे, ते गाम में किहे कुण में कह दिया करदे क: उड़े धोक स | धोक आली थां कोए मूर्ति नि होया करदी बस ज्युकर दिवा ला दिया करदे | पर बात या थी अक जित गाम आँ क बसा हो अर पहली बार जित रोटी -पांणी बणाया-खाया हो उस थां ने हाम धोक या ग्राम देवता क रूप में मान लिया करदे |क्योंकि जाट अग्नि को ही पवित्र मान्या करदे ज्यां तें उह क: सामी झुकया करदे | आज काल भी हर गाम में किते ना किते धोक की थां हो स | जित केवल दिवा लाया जा स |[/FONT]
[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]वाक्य में पर्योग :-म्हारे गाम में ते दादा गुसाईं आले की धोक लागे स |[/FONT]
[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]
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[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]धाक --- युशबद जो की हिंदी में भी बरत्या जावे स वो भी धोक शबद का अपभ्रंश स ज्युकर न्यू कह दिया करें अक "राकेश की ते बड़ी धाक स इस इलाके में "| वास्तव में जो घणा मान्या जावे या पूजा जावे उह की धाक मानी जावे स |[/FONT]
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[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]धाकड़ ---- यु शबद इससे माणस खातर बरत्या जावे स जो निडर हो और साची कहनियाँ हो और हिम्मती हो |यु भी दाहक शब्द का-ए अपभ्रंश स ,यानी जो आग की तरह सच्चा और पवित्र हो धाकड़ हो स |[/FONT]
[FONT=Verdana, Arial, Tahoma, Calibri, Geneva, sans-serif]वाक्य में परयोग ---- मेहर सिंह बड़ा धाकड़ माणस स |[/FONT]
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बुखारी ---- अनाज सुरक्षइत राखण खातर एक थां |

अपभ्रंश ---- यु शबद संस्कृत के भक्ष शबद तें बणर्य़ा स | भक्ष यानी के खावण जोगा | भक्सारी तें बिगड़ के ने बुखारी शबद बन्ग्या |
वाक्य में परयोग-- इबके ते बुखारी गिहूँआँ की भरी भी कोणी |
 
अनाड़ी--- जिह ने क्याहें का ज्ञान ना हो ,बुद्धू माणस नु कह दिया करें |
अपभरंश---- यु शब्द संस्कृत के अनार्य तें बण र्य़ा स | यानी के जो आर्य ना हो | हिंदी में भी बरत्या जावे स |
वाक्य में परयोग--- ये कमीन ते कती अनाड़ी सें ,किम्मे कह ल्यो ,उलटा काम करेंगे |
 
समर भाई ने इह का मतलब बुझया था ,मेरी समझ में ते यु आया स ,बाकी और किहे ने किम्मे बेरा हो ते बता दिओ |
तलाकी --- यु शबद कई बे माणस नु सम्बन्ध विच्छेद या जो वो मांगे उह तें नकारन खातर परयोग करया जावे स | ज्युकर कोए न्यू कह दे एक मन्ने थारा ताशला दिए ,ते न्यू नाटा जागा " क्यूँ देवां ,तू के तलाकी लागे स "| क: फेर ओ तलाकी परेन मर ले | लुगाई घणी बरत्या करें इह शब्द नु | पर इह का मतलब तलाक दिया होड़ माणस कोणी हो सकदा ,क्यूंकि जट्टू भाषा-बोली में यु परयोग कोणी होन्दा सम्बन्ध विच्छेद खातर | इब्ब जा दूसरी ओड़ नु देख्या जावे ते ,आड़े महाराष्ट्र में एक शब्द स "तलाटी "| यु तलाटी ज्युकर आपणे नम्बरदार होया करें न्यू गाम में सरकारी बन्दा हो स अर वो खानदानी तलाटीपणा हो स | गाम में यु सरकार का नुमाइंदा हो स अर हर सरकारी काम में इह की मंजूरी या गवाही लाग्या करे | ते मेरी समझ में न्यू आई स एक मराठी अर हरयाणवी -पंजाबी के भोत घणे शब्द मिलते जुलते सें अर कदे आपणे भी तलाटी नाम का कोए ओहदा होन्दा होगा या फेर यु शब्द बाहरों उधार ले लिया होगा |
 
गंढल----- नीच जात के माणस नु कह दिया करें |
अपभरंश-- यु शबद गंदे या गंदल तें बनर्या स | यानी जो माणस गंदे रेंदे हों |
वाक्य में परयोग--- ये ते गंढल माणस सें ,इन् ने घणे सर पे ना चढाओ |
 
समर भाई ने इह का मतलब बुझया था ,मेरी समझ में ते यु आया स ,बाकी और किहे ने किम्मे बेरा हो ते बता दिओ |
तलाकी --- इब्ब जा दूसरी ओड़ नु देख्या जावे ते ,आड़े महाराष्ट्र में एक शब्द स "तलाटी "| यु तलाटी ज्युकर आपणे नम्बरदार होया करें न्यू गाम में सरकारी बन्दा हो स अर वो खानदानी तलाटीपणा हो स | गाम में यु सरकार का नुमाइंदा हो स अर हर सरकारी काम में इह की मंजूरी या गवाही लाग्या करे | ते मेरी समझ में न्यू आई स एक मराठी अर हरयाणवी -पंजाबी के भोत घणे शब्द मिलते जुलते सें अर कदे आपणे भी तलाटी नाम का कोए ओहदा होन्दा होगा या फेर यु शब्द बाहरों उधार ले लिया होगा |

रविंदर जी यो दुसरे आला ए कीमे ठीक लाग्या क्योंकि जिस तरियां यो प्रयोग हो स उस ते लाग्गे स जणू किसे अधिकार वाले मानस त संबोधन करते हों | जैसे "तन्ने क्यूँ दे दें तू के म्हारा तलाकी लग्गे स" |
 
रविंदर जी यो दुसरे आला ए कीमे ठीक लाग्या क्योंकि जिस तरियां यो प्रयोग हो स उस ते लाग्गे स जणू किसे अधिकार वाले मानस त संबोधन करते हों | जैसे "तन्ने क्यूँ दे दें तू के म्हारा तलाकी लग्गे स" |

हाँ जी, राणा जी ,पर समर ऩे किस्सा लाग्या बेरा ना ,उहने इब्ब ताहीं चानना ना गेर्या स |
 
कमीण ----- यो शबद भी नीची ज़ात आले खातर बरत्या जावे स |

अप्भारंश --- यो शबद कम और हीन (नीचा ) शबद की संधि तें बनया होड़ लागे स | अंग्रेजी में भी नीच माणस नु मीन पर्सन कहया करें |अंग्रेजी का शबद भी कमीन का-ए अप्भारंश लागे स |
वाक्य में परयोग--- इन् कमीणा ने पराँ ताह दे कती भीतर बड़ण ने होरे सें |
 
रविंदर जी और राणा जी,
तलाकी शब्द कहीं ताल्लुक शब्द से तो नहीं आया. ताल्लुक का अर्थ हिंदी में सम्बन्ध होता है. "तू के म्हारा तलाकी लागे से" का मतलब "तू के म्हारा सम्बन्धी लागे से" हो सकता है i
महाराष्ट्र की तरफ ताल्लुका इलाके ने भी कहा करें. ताल्लुका, ताल्लुकदार आदि आदि i

रविंदर जी यो दुसरे आला ए कीमे ठीक लाग्या क्योंकि जिस तरियां यो प्रयोग हो स उस ते लाग्गे स जणू किसे अधिकार वाले मानस त संबोधन करते हों | जैसे "तन्ने क्यूँ दे दें तू के म्हारा तलाकी लग्गे स" |
 
अनाड़ी--- जिह ने क्याहें का ज्ञान ना हो ,बुद्धू माणस नु कह दिया करें |
अपभरंश---- यु शब्द संस्कृत के अनार्य तें बण र्य़ा स | यानी के जो आर्य ना हो | हिंदी में भी बरत्या जावे स |
वाक्य में परयोग--- ये कमीन ते कती अनाड़ी सें ,किम्मे कह ल्यो ,उलटा काम करेंगे |

To a man : क........ का बीज!!!!
 
रविंदर जी और राणा जी,
तलाकी शब्द कहीं ताल्लुक शब्द से तो नहीं आया. ताल्लुक का अर्थ हिंदी में सम्बन्ध होता है. "तू के म्हारा तलाकी लागे से" का मतलब "तू के म्हारा सम्बन्धी लागे से" हो सकता है i
महाराष्ट्र की तरफ ताल्लुका इलाके ने भी कहा करें. ताल्लुका, ताल्लुकदार आदि आदि i


Sitaram jee - I think you are right. तलाकी से पहले "माहरा" or मेरा ज़रूर लगता है. It shows तलाकी is a close relative. Instead of तलाकी one can also use - के तू मेरा saala (brother in law) लागे स. saala and तलाकी are interchangeable.

Also ताल्लुक is an Urdu word. In Jaatu, its usage (तलाकी) therefore seems to have come into effect after muslims came to India.
 
Last edited:
उक्कत ---- यु शबद ऊँ ते कोम्मन सेन्स की थां बर्त्या जावे स |
अपभरंश-- यु शबद फ़ारसी के शबद "औकात" का अपभरंश लागे स |
वाक्य में परयोग---- सारी हाण बुझे जावे स कदे-कदाऊ आपणी उक्कत तें भी काम कर लिया कर |
 
बक्कल तारणा/फोड़ना --- बक्कल ऊँ ते किहे रूंख की खाल ने कह दिया करें अर क: फेर किहे भी चीज का बाहरी आवरण हो स ,पर आड़े किहे की पिटाई तें सम्बंधित स |अपभरंश----- ऊँ ते अंग्रेजी में भी बक्क्लिंग डाऊन का मतलब कोए तले गेरणा या हराणा हो स | इब्ब ये शब्द हरयाणवी में क्यूकर आया या अंग्रेजी में क्यूकर गया बेरा कोणी | हरयाणवी में एक शब्द और स बुक्कल मारणा यानी की खेश या चादर ने लपेटना शरीर के चारुं ओड़ | इह का मतलब भी बाहरी आवरण हो स |
वाक्य में परयोग----- यु ऊँ कोणी माने ,इह का बक्कल तार ल्यो |


 
रविंदर जी और राणा जी,
तलाकी शब्द कहीं ताल्लुक शब्द से तो नहीं आया. ताल्लुक का अर्थ हिंदी में सम्बन्ध होता है. "तू के म्हारा तलाकी लागे से" का मतलब "तू के म्हारा सम्बन्धी लागे से" हो सकता है i
महाराष्ट्र की तरफ ताल्लुका इलाके ने भी कहा करें. ताल्लुका, ताल्लुकदार आदि आदि i

जाखड साहब यह संभावित है क्योंकि ताल्लुका का मतलब इलाका या क्षेत्र होता है और उस इलाके के मालिक या प्रभारी को ताल्लुकदार कहते है | दुसरे ताल्लुक का मतलब रिलेशन या रिश्ता होता है ईस लिहाज से भी लगता है कि यही शब्द बिगाड़ कर तलाकी बन गया है |

पर एक बात
जो समझ मे नहीं आयी की रिश्तेदार या किसी ओहदे वाले इंसान को तो हम आदर से बुलाते हैं परन्तु देखा गया है कि तलाकी शब्द का प्रयोग ज्यादातर नकारात्मक या आक्रामक भावना से किया जाता है
या फिर मजाक या कठबोली (slang) मे |
धन्यवाद् सहित |
 
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खुबात ---- मेहनत करणा |
अपभरंश---- यु शबद खूब-हाथ का अपभरंश लागे से ,जिह का मतलब हाथां तें घणा काम करणा हो स |
वाक्य में परयोग---- इबके ते थानसिंह ने घनी खुबात करी से खेत में खूब नाज होवेगा |
 
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