jakhmo ko sahlaney ke bahaney dil ko bahlaya kartey hain
mita ke mohabat ke naam par ilzam unn pe dharte hain
मोहब्बत में खुद को मिटा देना तो इश्क की फ़ितरत है
हुस्न वालों को तो इल्ज़ाम लगाने से ही फ़ुरसत कहाँ ||
jakhmo ko sahlaney ke bahaney dil ko bahlaya kartey hain
mita ke mohabat ke naam par ilzam unn pe dharte hain
मोहब्बत में खुद को मिटा देना तो इश्क की फ़ितरत है
हुस्न वालों को तो इल्ज़ाम लगाने से ही फ़ुरसत कहाँ ||
hiiiiiii....all...
read ur dese...shayrii's.....
Really toooooooooooooooo Gud.....!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!:rock
Keep it Up...!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!![]()
khob hi badia shaayari likhi hai Vijay ji maja agaya
विजय भाई , आप जैसा सवेदनशील और कोमल हृदय व्यक्ति ही इतना सुंदर लिख सकता है !
बहुत खूब !यूँ ही लिखते रहो !
खुश रहो !
Very nice Vijay ji...thnx for sharing
Har ilzam ka haqdar wo hume bana jaate hain,
Har khata ki saza wo hume suna jaate hain,
Hum bas khamosh rah jaate hain,
Kyunki wo apna hone ka ehsas dila jaate hain.
Beautifully writtenAmrita.
I admire it when people write technically correct compositions.
Keep it up.
न चाहते हुए भी हमको वो सता ही जाते हैं
राज की बातें आखिर चुपके से बता ही जाते हैं ।
हज़ार बार कहा कि प्यार नाम है कुरबानी का
लेकिन वो तो मोहब्बत का हक जता ही जाते हैं ॥
thanks vijay.
Pyar me qurban to hum ho hi gaye hain,
apna sab kuch lootakar kho hi gaye hain,
haq tha unpar mohabbat ka haq jatane ka,
wo haq bhi aaj humse wo loot le gaye hain.
thanks vijay.
Pyar me qurban to hum ho hi gaye hain,
apna sab kuch lootakar kho hi gaye hain,
haq tha unpar mohabbat ka haq jatane ka,
wo haq bhi aaj humse wo loot le gaye hain.
ये मेरी हिन्दी में लिखी पहली पंक्तियाँ हैं ....डी.एन.देसवाल जी का कैसे शुक्रिया अदा करू
प्यार का हक किसी पे जताया नही जाता
किसी को दिल का जखम दिखाया नही जाता
समझता है प्यार करने वाला ख़ुद ब ख़ुद
दिल चीर कर तो ऐसे दिखाया नही जाता
मोहब्बत में हज़ारों दीवाने छले जाते हैं
शमां की तपिश में परवाने जले जाते हैं ।
न जाने क्या मज़ा है प्यार के खेल में
लूटने वाले खुद ही लुट कर चले जाते हैं ॥
ये मेरी हिन्दी में लिखी पहली पंक्तियाँ हैं ....डी.एन.देसवाल जी का कैसे शुक्रिया अदा करू
प्यार का हक किसी पे जताया नही जाता
किसी को दिल का जखम दिखाया नही जाता
समझता है प्यार करने वाला ख़ुद ब ख़ुद
दिल चीर कर तो ऐसे दिखाया नही जाता
आंधिया वो चली आशियाँ लुट गया ,
प्यार का मुस्कुराता जहाँ लुट गया l
यकीं था जिस पर ख़ुद से भी ज्यादा ,
आज वही शक्स हमे बर्बाद कर गया ll
आस्मां के तारे अक्सर पूछते हैं हमसे
क्या तुम्हे आज भी इंतज़ार है उसके लौट आने का
और ये दिल मुस्कुरा के कहता है
मुझे तो अब तक यकीन नही उसके चल जाने का
दिलों का सौदा करना इतना आसान भी नहीं
यकीन करोगे तो दिल पर चोट कर जायेगा ।
आखों से पर्दा हटाकर जरा सच्चाई तो देखो
वह आया ही कब था जो लौट कर जायेगा ॥
vijay bhai jaisa meri samaj aaya likha diyakoi tech problem ho to jarror batna kai baar kuch likhna bahut accha lagta hai muje bhi
kissi ko panne ki chahat se bhi aksar pyar ho jaata hai
kissi pe yaken ke liye dil kaa souda karro ye jaroori to nahi
kissi jhooth ke sahare bhi aksar jee liya jaata hai
har baat se parda uthaya jaaye ye jaroori to nahi
मेरा इंतज़ार करना
वादा वो मोहब्बत का मैं निभाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
ज़माने से अलग पह्चान है मेरी
दुनियाँ की भीड में खोया नहीं हूँ
जुदाई की रात चाहे लम्बी सही
सुबह के इंतज़ार में सोया नही हूँ
हर पल बस तुमको ही याद किया
आँखें नम हुईं लेकिन रोया नही हूँ
कैसे गुजरे थे ये दिन मैं सुनाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
व्यस्त हूँ ज़िन्दगी की उलझनों में
मत सोचना कि तुमसे प्यार नही है
वादा करके जुबान से मुकर जाऊँ
ऐसे तो मिले मुझे संस्कार नहीं है
फ़ैसला मेरा जमाने ने सुन लिया
तुम बिन ज़िन्दगी स्वीकार नहीं है
मैने तुमको चाहा है तुमको पाऊँगा एक दिन ॥
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
आज हम और तुम इतने दूर सही
यह तो अपनी किस्मत का लेखा है
हमें मिलने से कोई न रोक पायेगा
मेरे हाथ में तुम्हारे नाम की रेखा है
तुम मंज़िल हो मेरे इस सफ़र की
कितनी बार तुम्हें सपने में देखा है
सपनों को हकीकत में बदल जाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
दिल की हर आरज़ू को अंजाम दूँगा
तुम अधूरी हसरतों का मलाल रख्नना
उदास रहने से झुर्रियाँ पड जाती हैं
अपने हसीन चेहरे का खयाल रखना
ज़िन्दगी छोटी सी है और काम ज्यादा
मेरे लिये बचा कर कुछ साल रख्नना
अपनी ज़िन्दगी तुम पर मैं लुटाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊंगा एक दिन ॥
सच्चे दिल की सदायें कुबूल होती हैं
खुदा को तुम दुआयें तमाम लिखना
दीवानापन अगर हद से गुजरने लगे
अपनी चाहत पर कोई कलाम लिखना
जब दिल मिले हैं तो हम भी मिलेंगे
मेरा नाम जोडकर अपना नाम लिखना
तुमको ही अपनी पह्चान मैं बनाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
वह सवेरे का सूरज जब भी निकलेगा
जुदाई की ये काली रात गुजर जायेगी
उतरेगी समंदर में जब अपनी किश्ती
मंज़िल तक छोडने खुद लहर जायेगी
साथ मिलकर किसी दिन ढूँढ ही लेंगे
ये खुशी हमसे बच कर किधर जायेगी
हँसी तुम्हारे होठों पर मैं सजाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
हमसफ़र बन कर हम जब भी चलेंगे
मेरे हाथों में अपना हाथ थमाना होगा
ज़िन्दगी के तन्हा पथरीले रास्तों पर
मेरे हर कदम से कदम मिलाना होगा
वह दिन आयेगा मुझपे यकीन करना
बाँहों में आस्माँ कदमों में जमाना होगा
जमाने को तुम्हारे आगे मैं झुकाऊँगा एक दिन
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
बढते हुए कदम अब नहीं रुकने वाले
तीर कब का निकल चुका है कमान से
चाहे जैसा भी हो अंजाम देखा जायेगा
मोहब्बत नहीं डरती किसी इम्तहान से
जमीन वाले बस देखते ही रह जायेंगे
जब माँग लाऊँगा मैं तुम्हे आसमान से
विजय तुम्हारी किस्मत में लिख जाऊँगा एक दिन ॥
तुम मेरा इंतज़ार करना मैं आऊँगा एक दिन ॥
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