Mera Intzaar Karna !

देख तू खो ना जाये दुनिया की कशमकश में कहीं,
ज्यादा रौशनी बची नहीं है अब उल्फत की पनाहों में |
यूँ तो सब उम्र गुजरी है एक तनहा सफ़र में "साहिल",
फिर भी ख्वाब हैं कुछ पल रहें महबूब की बाँहों में |
|


चल तो पडे हो मंजिल की पनाहों में
इंतजार अब भी रहता है निगाहों में ।
हर मोड पर जरा संभल कर मुडना
न जाने कहाँ कौन खडा हो राहों में ॥
 
छोड कर ही क्यूं गये थे जो अब इन्तजार में बैठे हो
मोम सा दिल था तुम्हारा क्यूं अब पत्थर बन बैठे हो ।
क्या मिलेगा अपनो से किनारा करके “जालिम”
खता तो बता दो उनको जिनसे आप यूं ऐंठे हो ॥
 
Mein shayar toh nahin......... still enjoyed every post in this thread

A random thought- is it only love that can inspire "shayari"?


Agar dil se karoge toh shayad dhokha hoga,
Dimag se karoge toh sauda hoga,
Aur agar Dil-o-dimag se kiya toh,
Sukoon hoga!!!
 
Last edited:
वाह वाह भाई जी ... क्या बात है ... आप भी

छोड कर ही क्यूं गये थे जो अब इन्तजार में बैठे हो
मोम सा दिल था तुम्हारा क्यूं अब पत्थर बन बैठे हो ।
क्या मिलेगा अपनो से किनारा करके “जालिम”
खता तो बता दो उनको जिनसे आप यूं ऐंठे हो ॥


बीच राह में किसी दिलबर को छोडा नहीं करते
वादा अगर कर लिया तो फ़िर तोडा नहीं करते ।
कच्चे धागों को भुला देना मुबारक हो उनको
हम रिश्ते तोड कर फ़िर से जोडा नहीं करते ॥
 
A random thought- is it only love that can inspire "shayari"?


Agar dil se karoge toh shayad dhokha hoga,
Dimag se karoge toh sauda hoga,
Aur agar Dil-o-dimag se kiya toh,
Sukoon hoga!!!

It's not love ONLY that inspire to write but it is passion and feelings that inspires to do poetry.

जब दिल से सोचा तो धोखा हुआ
दिमाग से सोचा फ़िर धोखा हुआ ।
सोचा भरोसा नहीं करेंगे किसी पर
भरोसा नहीं किया तो धोखा हुआ ॥
 
Khud par karo bharosa,
Kabhi pareshan na hoge,
Khud se karo pyaar,
Khud ko sazaa na doge!
:)
It's not love ONLY that inspire to write but it is passion and feelings that inspires to do poetry.

जब दिल से सोचा तो धोखा हुआ
दिमाग से सोचा फ़िर धोखा हुआ ।
सोचा भरोसा नहीं करेंगे किसी पर
भरोसा नहीं किया तो धोखा हुआ ॥
 
Last edited:
khud par karo bharosa,
kabhi pareshan na hoge,
khud se karo pyaar,
khud ko sazaa na doge!
:)


खुद पर अगर इतना भरोसा किया
तो किसी और पर एतबार क्या होगा ।
अगर अकेलेपन से ज़िन्दगी कट जाये
किसी हमसफ़र का इंतज़ार क्या होगा ॥
 
Agar akelapan hai karan humsafar banaane ka,
Phir laut ke aana hai wahin,
Jab khatam hoga saath pal do pal ka.
खुद पर अगर इतना भरोसा किया
तो किसी और पर एतबार क्या होगा ।
अगर अकेलेपन से ज़िन्दगी कट जाये
किसी हमसफ़र का इंतज़ार क्या होगा ॥
 
Last edited:
agar akelapan hai karan humsafar banaane ka,
phir laut ke aana hai wahin,
jab khatam hoga saath pal do pal ka.


कोई पल जीने का आगाज़ नही करता
और कोई पल सदियों के लिये जीता है ।
किसी के लिये बस दिल्लगी है ज़िन्दगी
कोई ज़हर ज़िन्दगी भर के लिये पीता है
॥
 
Very apt, and very nicely presented that it is a matter of choice..:)
कोई पल जीने का आगाज़ नही करता
और कोई पल सदियों के लिये जीता है ।
किसी के लिये बस दिल्लगी है ज़िन्दगी
कोई ज़हर ज़िन्दगी भर के लिये पीता है ॥
 
दीवाने कहाँ आँधियों से डरने वाले हैं
हम तो इस दुनियाँ से लडने वाले हैं ।
मेरा कत्ल करके क्या मिलेगा तुमको
हम तो वैसे भी तुम पर मरने वाले है ॥
 
Teen Kavi The.............

Ek kavi gosthi main teen kavi the.
ek bangali,ek gujrati oor ek JAt.

Bangali boola.
Kela khane se mere daant cheele jaate hain.

Gujrati boola
Makhmale aangan se mere per(Talwe paun ke) cheele jaate hain.

Jat boola,
Yeh itne naram hain ki inki baaten sun sun ke mera khoon jale jata hai.
 
दीवाने कहाँ आँधियों से डरने वाले हैं
हम तो इस दुनियाँ से लडने वाले हैं ।
मेरा कत्ल करके क्या मिलेगा तुमको
हम तो वैसे भी तुम पर मरने वाले है ॥
vj u rock man....
 
कुछ दिन तो बसों मेरी आँखों में
फिर ख्वाब अगर हो जाओ तो क्या

कोई रंग तो दो मेरे चेहरे को
फिर ज़ख्म अगर महकाओ तो क्या

इक आइना था सो टूट गया
अब खुद से अगर शरमाओ तो क्या

मैं तनहा था मैं तनहा हूँ
तुम आओ तो क्या, ना आओ तो क्या

जब हम ही ना महके फिर साहिब
तुम बाद -ऐ -सबा कहलाओ तो क्या

जब देखने वाला कोई नहीं
बुझ जाओ तो क्या, जल जाओ तो क्या
 
इक आइना था सो टूट गया
अब खुद से अगर शरमाओ तो क्या

मैं तनहा था मैं तनहा हूँ
तुम आओ तो क्या, ना आओ तो क्या

अदाओं से वफ़ा के मतलब नहीं बदलते
नजरें मिलाओ तो क्या, चुराओ तो क्या ।
बीता हुआ वक्त लौट कर नहीं आने वाला
याद करो तो क्या, भूल जाओ तो क्या ॥
 
अक़्स-ए-खुशबू हूँ बिखरने से ना रोके कोई
और बिखर जाऊँ तो, मुझ को ना समेटे कोई


काँप उठती हूँ मैं सोच कर तनहाई में
मेरे चेहरे पर तेरा नाम ना पढ़ ले कोई
 
अक़्स-ए-खुशबू हूँ बिखरने से ना रोके कोई
और बिखर जाऊँ तो, मुझ को ना समेटे कोई


काँप उठती हूँ मैं सोच कर तनहाई में
मेरे चेहरे पर तेरा नाम ना पढ़ ले कोई


खुश्बूओं को कब तक बचा कर रखोगे
मोहब्बत को कब तक छुपा कर रखोगे ।
आँखो में लिखा नाम पढ लेगी दुनियाँ
पलकों को कब तक झुका कर रखोगे ॥
 
kya baat hai bhai nice lines
खुश्बूओं को कब तक बचा कर रखोगे
मोहब्बत को कब तक छुपा कर रखोगे ।
आँखो में लिखा नाम पढ लेगी दुनियाँ
पलकों को कब तक झुका कर रखोगे ॥
 
न जाने कौन सा फ़िक़्रा कहाँ रक़्म हो जाये
दिलों का हाल भी अब कौन किस से कहता है


मेरे बदन को नमी खा गई अश्कों की
भरी बहार में जैसे मकान ढहता है
 
न जाने कौन सा फ़िक़्रा कहाँ रक़्म हो जाये
दिलों का हाल भी अब कौन किस से कहता है


मेरे बदन को नमी खा गई अश्कों की
भरी बहार में जैसे मकान ढहता है



मेरे लफ़्ज तेरे दिल का हाल कह्ते हैं
तेरे ही ख्वाब मेरी पलकों में रह्ते हैं ।
मेरे आँसू तो बरसों पहले ही सूख गये
अब तेरे अश्क मेरी आँखों से बह्ते हैं ॥
 
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