Mera Intzaar Karna !

मेरे लफ़्ज तेरे दिल का हाल कह्ते हैं
तेरे ही ख्वाब मेरी पलकों में रह्ते हैं ।
मेरे आँसू तो बरसों पहले ही सूख गये
अब तेरे अश्क मेरी आँखों से बह्ते हैं ॥


Beautifull, So Sweet !!!!!
 
चेहरा मेरा था निगाहें उस की
ख़ामुशी में भी वो बातें उस की


मेरे चेहरे पे ग़ज़ल लिखती गईं
शेर कहती हुई आँखें उस की
 
Jo soochogi to sawaal ban jaaoonga !
Jo Dhoondogi to zawaab ban jaaoonga !!
Kyon bozhil se in aankhoon ko liye baithe ho,
humdum ! So jaaoo,
main ek sunhera sa khawaab ban jaaoonga !!
 
Mast thread VJ !

EK nagma hamaari taraf se bhi :

एक ऐसा गीत गाना चाह्ता हूं, मैं..
खुशी हो या गम, बस मुस्कुराना चाह्ता हूं, मैं..

दोस्तॊं से दोस्ती तो हर कोई निभाता है..
दुश्मनों को भी अपना दोस्त बनाना चाहता हूं, मैं..

जो हम उडे ऊचाई पे अकेले, तो क्या नया किया..
साथ मे हर किसी के पंख फ़ैलाना चाह्ता हूं, मैं..

वोह सोचते हैं कि मैं अकेला हूं उन्के बिना..
तन्हाई साथ है मेरे, इतना बताना चाह्ता हूं..

ए खुदा, तमन्ना बस इतनी सी है.. कबूल करना..
मुस्कुराते हुए ही तेरे पास आना चाह्ता हूं, मैं..

बस खुशी हो हर पल, और मेहके येह गुल्शन सारा,
हर किसी के गम को, अपना बनाना चाह्ता हूं, मैं..
 
hum par dukhoon ka parbat toota,
to humne do-chaar kahe !
Zara soch uspar kaya beeti hogi,
zisne sher hazaar kahe !!

आँखो में जब कोई ख्वाब पलता है
दिल संभाले से भी ना संभलता है ।
वो चाल चलते हैं जमाने के साथ
जमाना हमारे साथ चाल चलता है ॥
 
चेहरा मेरा था निगाहें उस की
ख़ामुशी में भी वो बातें उस की


मेरे चेहरे पे ग़ज़ल लिखती गईं
शेर कहती हुई आँखें उस की


शरम से अपना चेहरा छुपा लेते हैं हिजाब में
चुपके-चुपके किसी का दीदार करते हैं ख्वाब में ।
कहते हैं कि इंतज़ार नहीं है किसी के लौटने का
फ़िर किसलिये फ़ूल अभी भी रखा हैं किताब में ॥
 
अश्कों के तबस्सुम में आहों के तरन्नुम में
मासूम मोहब्बत का मासूम फ़साना है


आँखों में नमी सी है चुप-चुप से वो बैठे हैं
नाज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है
 
अश्कों के तबस्सुम में आहों के तरन्नुम में
मासूम मोहब्बत का मासूम फ़साना है


आँखों में नमी सी है चुप-चुप से वो बैठे हैं
नाज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है


अश्कों को अपने छुपाकर रखना
मोह्ब्बत का दुश्मन ये जमाना है
जो किसी ज़िन्दगी की हकीकत है
इस ज़माने के लिये अफ़साना है ।
 
Hum par dukhoon ka parbat toota,
To humne do-chaar kahe !
Zara soch uspar kaya beeti hogi,
Zisne sher hazaar kahe !!

दिल पर जो बीती वो दिल ही जाने
महफ़िल में भी खाली हो गये पैमाने ।
तेरी दुआओं का असर भी जाता रहा
जाने कैसे फ़िर भी ज़िन्दा है दीवाने ।।
 
आस्मां के तारे अक्सर पूछते हैं हमसे
क्या तुम्हे आज भी इंतज़ार है उसके लौट आने का
और ये दिल मुस्कुरा के कहता है
मुझे तो अब तक यकीन नही उसके चल जाने का


वो एक पल ज़िन्दगी का खास था
जब दिल मे किसी का एहसास था
ख्याली या रूमानी, मैं नहीं जानता
लेकिन उसकी बातों मे विश्वास था
 
Vijay ji,,, kahin padha tha acha laga to socha chalo aapki thread main likh dete hain,,,

Manzilain bhi us ki thi raasta bhi uska tha,,, मंजिलें भी उसकी थी रास्ता भी उसका था,,,
Ek main hi akela tha kaafila bhi uska tha,,, एक मैं ही अकेला था काफिला भी उसका था,,,
Saath saath chalne ki soch bhi us ki thi,,, साथ साथ चलने की सोच भी उसकी थी,,,
Phir raasta badlane ka faisla bhi uska tha,,, फिर रास्ता बदलने का फैसला भी उसका था,,,
Aaj kyon akela hoon dil sawal karta hai,,, आज क्यों अकेला हूँ दिल सवाल करता है?
Log to us ke the kya khuda bhi uska tha,,, लोग तो उसके थे क्या खुदा भी उसका था?
वो एक पल ज़िन्दगी का खास था
जब दिल मे किसी का एहसास था
ख्याली या रूमानी, मैं नहीं जानता
लेकिन उसकी बातों मे विश्वास था
 
Jisne bhi likha hai kya khoob likha hai,,,


Phir Ajnabi Fizaon Se Joda Gaya Mujhe,,, फिर अजनबी फिजाओं से जोड़ा गया मुझे,,,
Mein Phool Thi So Shaakh Se Toda Gaya Mujhe,,, मैं फूल थी सो शाख से तोडा गया मुझे,,,
Khushbu Ki Tarah Jeena Bhi Asaan To Na Tha,,, खुशबू की तरह जीना भी आसान तो न था,,
Phool Se Katra Katra Nichoda Gaya Mujhe,,, फूल से कतरा कतरा निचोड़ा गया मुझे,,,
Mitti Ke Bartanon Ki Tarah Sari Zindagi,,, मिटटी के बर्तनों की तरह सारी जिंदगी,,,
Toda Gaya Mujhe, Kabhi Joda Gaya Mujhe,,, तोडा गया मुझे,कभी जोड़ा गया मुझे,,,
Hathon Mein Somp Di Mere Kaghaz Ki Ek Nao,,, हाथों मैं सोंप दी मेरे कागज़ की एक नाव,,,
Dariya Ki Tez Dhare Pe Choda Gaya Mujhe.... दरिया की तेज़ धार पे छोड़ा गया मुझे,,,

 
zindgi se bezaar hokar likha hai shayad,,,jisne bhi likha hai,,,par acha likha hai,,,


​Dard hai itna Ki Rone Ko Man Karta Hai,,, दर्द है इतना की रोने को मन करता है,,,
Aaj Fana Hone Ko Man Karta Hai,,, आज फना होने को मन करता है,,,
Tu Aur Teri Mohabbat To Kho Gayi Humse,,, तू और तेरी मोहब्बत तो खो गई हमसे,,,
Jo Bacha Hai vo bhi Khone Ko Man Karta Hai,,, जो बचा है वो भी खोने को मन करता है,,,
Aa Chuka Hun Tang Zindagi Ki Ghutan Se,,, आ चूका हूँ तंग जिंदगी की घुटन से मैं,,
Ab Maut Ke Aagosh Mein Sone Ko Man Karta Hai,,,अब मौत की आगोश मैं सोने को मन करता है,,,
Ladke Tufaanon Se Jise Laya Tha Sahil Pe,,, लड़के तूफानों से जिसे लाया था साहिल पर,,,
Jaane Kyun Aaj Wo Kashti Dubone Ko Man Karta Hai...जाने क्यों आज वो कश्ती डूबोने को मन करता है,,,

 
Taraste they jo milne ko hamse kabhi,,, तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी,,,
AAj wo kyon mere saaye se katraate hain,,, आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं,,,
Hum bhi wahi hain dil bhi wahi hai,,, हम भी वही हैं दिल भी वही है,,,
Naa jaane kyon log badal jaate hain,,,, न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं,,,

 
Taraste they jo milne ko hamse kabhi,,, तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी,,,
AAj wo kyon mere saaye se katraate hain,,, आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं,,,
Hum bhi wahi hain dil bhi wahi hai,,, हम भी वही हैं दिल भी वही है,,,
Naa jaane kyon log badal jaate hain,,,, न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं,,,


जब से अश्कों को पीना सीख गये
दिल के जख्मों को सीना सीख गये
तेरे आने का भी इंतज़ार नहीं अब
ज़िन्दगी को शायद जीना सीख गये
 
Meri Chahat ne Use Khushi De di,,, मेरी चाहत ने उसे ख़ुशी दे दी,,
Badle Me Usne Mujhe Sirf Khamoshi De di,,, बदले मैं उसने मुझे सिर्फ ख़ामोशी दे दी,,,
Khuda Se Dua Mangi Marne Ki,,, खुदा से दुआ मांगी मैंने मरने की,,,
Lekin Usne Bi Tadapne Ke Liye Zindagi De di …… लेकिन उसने भी तड़पने के लिए जिंदगी दे दी,,,



 
Meri Chahat ne Use Khushi De di,,, मेरी चाहत ने उसे ख़ुशी दे दी,,
Badle Me Usne Mujhe Sirf Khamoshi De di,,, बदले मैं उसने मुझे सिर्फ ख़ामोशी दे दी,,,
Khuda Se Dua Mangi Marne Ki,,, खुदा से दुआ मांगी मैंने मरने की,,,
Lekin Usne Bi Tadapne Ke Liye Zindagi De di …… लेकिन उसने भी तड़पने के लिए जिंदगी दे दी,,,


दिलबर को कातिल से जोडा नहीं करते
रिश्ते बनाकर इस तरह तोडा नहीं करते
कसमे-वादे तो आजकल की दुनियादारी है
सच्चे प्रेमी कभी साथ छोडा नहीं करते
 
Ek hasrat thi ki unke dil main panaah milegi,,, एक हसरत थी की उनके दिल मैं पनाह मिलेगी,,,
Kya pata tha unse mohabbat ki saja milegi,,, क्या पता था उनसे मोहब्बत की सजा मिलेगी,,,
Na apno ne samjha na gairon ne jaana,,, न अपनों ने समझा न गैरों ने जाना,,,
Kya pata tha meri taqdeer hi mujhe bewafa milegi,,, क्या पता था मेरी तकदीर ही मुझे बेवफा मिलेगी,,,
 
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