vijaykajla1
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Dunya ka bhi ajeeb dastoor hy Faraz...
Bewafayi karo toh rotay hain...Wafa karo toh rulatay hain..
Bewafayi karo toh rotay hain...Wafa karo toh rulatay hain..
Bhai room pe ja k bhi khali baithna hai aur office me bhi sham k baad itna kaam ni hota, is se acha aade e baithe raho.
jab bore hon lagu to 1-2 ys shyari chap du hoon......![]()
रिश्तों की डोरी कमज़ोर होती है ,
आँखों की बातें दिल की चोर होती हैं ,
किसी ने जब भी पूछा दोस्त का मतलब ,
हमारी ऊँगली आपकी और होती है …
हा हा हा ,इबके गाम में गया जब मन्ने तेथन में-ए लिखा देखा था यु , अर लिख के ने लाया था , अक राकेश क भोत पसंद आवेगा ,अर उह के बचपन की याद दुवावेगा ,ज्यां तें-ए लिख मार्या |Bhai Sahab katti kalje ki talli mein jake lagya
mere wo din yaad aage jab naye naye jawan hon lage the.
ise ise sher Sheela bypass se purane bus adde chalan aali tethan mein chipe paya karte Mamta Kulkarni ki fotu gel.:triumphant:
हा हा हा ,इबके गाम में गया जब मन्ने तेथन में-ए लिखा देखा था यु , अर लिख के ने लाया था , अक राकेश क भोत पसंद आवेगा ,अर उह के बचपन की याद दुवावेगा ,ज्यां तें-ए लिख मार्या |
Ek Manne bhi padhya tha
Specially aapki khater
हमें तो अपनों ने लूटा,
गैरों में कहाँ दम था.
मेरी हड्डी वहाँ टूटी,
जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.
मुझे जिस एम्बुलेन्स में डाला,
उसका पेट्रोल ख़त्म था.
मुझे रिक्शे में इसलिए बैठाया,
क्योंकि उसका किराया कम था.
मुझे डॉक्टरों ने उठाया,
नर्सों में कहाँ दम था.
मुझे जिस बेड पर लेटाया,
उसके नीचे बम था.
मुझे तो बम से उड़ाया,
गोली में कहाँ दम था.
और मुझे सड़क में दफनाया,
क्योंकि कब्रिस्तान में फंक्शन था
नैनो मे बसे है ज़रा याद रखना,
अगर काम पड़े तो याद करना,
मुझे तो आदत है आपको याद करने की,
अगर हिचकी आए तो माफ़ करना.......
ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते है
कभी दूर तो कभी क़रीब होते है
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते है
और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है
हा हा हा हा हा आज साबत दिन ये -ए कठे करदा हांडे था केरा | भोत बढ़िया |Ek Manne bhi padhya tha
Specially aapki khater
हमें तो अपनों ने लूटा,
गैरों में कहाँ दम था.
मेरी हड्डी वहाँ टूटी,
जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.
मुझे जिस एम्बुलेन्स में डाला,
महबूब को चाँद कहते हो कभी खुदा बताते हो
बुढे माँ - बाप के बारे में तेरा क्या ख्याल हैं.
तेरे गिरते हुए कदमो को जिन्होंने चलना सिखाया था
आज वो गिर रहे हैं तो तेरा क्या ख्याल हैं.
कभी माँ की लोरी सुनकर ही तुझे नींद आती थी
रात को माँ खांस रही हैं तेरा क्या ख्याल हैं.
निगाहे- नाज़ की तारीफ तो कभी हुस्न को सजदे
टूटे हुए बाप के चश्मे पर तेरा क्या ख्याल हैं.
किसी अन्जान के लिए पल में मरने कीकसमे
तुझे जन्म देने वालों के लिए तेरा क्या ख्याल हैं .
kajla saare shera ka tood kaadha diya
excellentttttttttttt................
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