Shayri (Part 1)

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आज क्यों हुआ!! पलक पर निगाहों का फरमान,

साज था ना..... न था परवाज.....,

इल्म तक नहीं हुई मेरी सरहदी आवाज,

फिर क्यों.......!! फिर क्यों.....!!

....पलक पर हुआ आज जमाने को ऐतराज....?????
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क्या होगा कोई रोशन सबेरा? जब मन में ख्याल आता है,
दूर आसमाँ का एक सितारा तब रोशनी की आश जगाता है|​
 
बाद मुद्दत उन्हें देख कर मन में ये ख्वाहिश जगी,
इस चाँद को अब घर ले चलूँ, करू चाँद से दिल्लगी​
 
एक दर्द ने दी जिँदगी एक दर्द ने मारा है ।

वो दर्द तुम्हारा था ये दर्द भी तुम्हारा है ।।​
 
काश खुदा ने हुस्न वालों अहसास ए दर्द दिया होता .

हो सकता था जालिम ने अपने से दूर न किया होता
हुस्न की अदाएं दिखाकर
मासूम दिल को अपने जाल में फंसाकर
नज़रों के फिर तीर चलाकर
दिल से दिल लगाकर फिर झट से दूर न किया होता
काश खुदा ने हुस्न वालों अहसास ए दर्द दिया होता
बाँहों की फिर पिंग झुलाकर
नए नए वो ख्वाब दिखाकर
सपनों की फिर सेज सजाकर
मीठी मीठी नींद में सुलाकर अचानक से फिर न जगा जगा दिया
काश खुदा ने हुस्न वालों अहसास ए दर्द दिया होता .




सोमबीर सिंह सरोया
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9321083377

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बिछड के भी वो रोज मिलता है मुझे ख्वाब नगर में "ग़ालिब "

अगर यह नींद भी न होती तो मर गये होते हम !!
 
बहते दरिया पे हक सभी का है

तुम ज़रा प्यास में कमी कर लो
 
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Dheere dheere se ab tere pyar ka dard kam hua,,,धीरे धीरे से अब तेरे प्यार का दर्द कम हुआ,,,
Na tere aane ki khushi hui or na jaane ka gam hua,,,ना तेरे आने कि खुशी हुई और ना जाने का गम हुआ,,,
Jab log mujhse poochte hain hamari dosti ki daastaan,,,जब लोग मुझसे पूछते हैं हमारी दोस्ती कि दास्ताँ,,,
Main kah deta hoon ki ek fasaana tha jo ab khatam hua...में कह देता हूँ कि एक फ़साना था जो अब खतम हुआ....



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मौत तो नाम से बदनाम है

वरना तकलीफें तो जिंदगी भी कम नहीं देती
 
Palkon ki nami main chupa kar sapnon ko,,,पलकों कि नमी में छुपा कर सपनों को,,,
Hamne unhain jaane ki izazat de di,,,हमने उन्हें जाने कि इजाजत दे दी,,,
Ham toot kar bikhar gaye tukdon main,,,हम टूट कर बिखर गए टुकड़ों में,,,
Unhain muskurane ki izaazat de di...उन्हें मुस्कुराने की इजाजत दे दी....



 
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मोहोब्बत हो गयी थी उस से बस इतनी खता थी मेरी ..

माना की मुजरिम हूँ उसका मगर बे -कसूर भी हूँ .....!!!​
 
तुम गिराने में लगे थे तुम ने सोचा ही नहीं
मैं गिरा तो मसला बनकर खड़ा हो जाऊंगा​
 
Jo aansoo ki trah bahta gaya vo rakt hoon main,,,
Jise kadam kadam par aazmaya gaya vo waqt hoon main,,,
Shayad isi trah kheezkar likhi meri takdeer khuda ne,,,
Jise chahne wala to mila par chaaha na gaya aisa shaks hoon main...

 
स्याह रात का मतलब क्या हमने बखूबी जान लिया
फाकाकस्सी और मौज मजा दोनों को पहचान लिया
कितना दिलकसी और हांसी खेल खेल रहे हैं सभी
अपने ही अन्दर हमने अपना दुश्मन क्यों पाल लिया ||​
 
मैं तब भी बदनाम था मैं अब भी बदनाम हूँ
फ़कत
महोब्बत में कल भी नादान था और आज भी नादान हूँ !!​
 
"मैंने उस से पूछा कीमत क्या है प्यार की "ऐ दोस्त"
उसने भी हंस के कहा, आंसू भरी ऑंखें और उम्र भर का इंतज़ार" .​
 
मेरी यादों से बच निकलो तो वादा है मेरा तुमसे

मैं खुद दुनिया से कह दूँगा.... कमी मेरी वफ़ा में थी !!!
 
हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी

लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर !!!
 
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