The true nature of Jan Lok Pal Bill Movement

यही नहीं, भगतसिंह का नाम लेकर २ खोटे आने खरे की तरह प्रचारित किये जा रहे हैं.
भगतसिंह ने तो और भी बहुत कुछ कहा था, किया था, उस सबको छोड़कर, उनके एक कथन की आड़ में कुकर्म छुपाना चाहते हैं? भगतसिंह ने भी नहीं सोचा होगा की उनके नाम और कथन का इस्तेमाल इस तरह खोटे को खरा दिखाने में किया जायेगा.



अर जै वो दो आने खोटे हों तो? और देण आले अँगरेज़ काले हों तो?, भगत सिंह ने नहीं सोची थी की इसा भी होगा, नहीं तो शहीदी की कसम, आज भगत सिंह भी बोलते की इससे तो गौरे ही ठीक थे !

Quoting again from a previous note:

"Let us first pass a preliminary version of the bill: Surprisingly, some among the educated class have started to believe in this myth. It is important to realize that a strong foundation for such a law is a must to begin with in order for it to be refined in the future. Secondly, here is no greater evidence than this long drawn out struggle for Lokpal bill to justify the need for us to get it right the first time."

 
Vikash

Considering the recent happenings in and outside parliament, the current Lokpal Bill should go through the Rajya Sabha! At least a begining could be made! We all know that the current bill is not the ideal or perfect but a begining has been made after waiting for 43 years! As Manu Singhvi said in Rajya Sabha, " a good bill is better than an illusive perfect". Hope BJP also would help this through Rjya Sabha. Amendments can always be brought in future.
As for Anna ji and his team are concerned, they have done their best and hope they would keep working for a better bill. Even the current Lokpal bill is the result of their efforts only! For their selfless efforts, I feel like qouting these lines of our own hero from his book, In quest of the last victory.
At the best you can only have good intentions. Whether the end result would be good or not or what the results eventually would be, is not in your hand."----Navin Gulia

देशवाल सर , एब्ब तो पूरा अ लेके मानेंगे ! जब बीड़ा उठा ही लिया तो , चक दे इंडिया!
 
देशवाल सर , एब्ब तो पूरा अ लेके मानेंगे ! जब बीड़ा उठा ही लिया तो , चक दे इंडिया!

विकास भाई,मै आपके जोश, राष्ट्र प्रेम और बलिदान की भावना से भयंकर रूप से प्रभावित हुआ हूँ i आपका ह्रदय-विदारक राष्ट्र प्रेम, क्रांतिकारी भावनाओं से ओत-प्रोत विचारधारा, और कड़वाल भैंस की तरह तुड़ाइए करती हुई जवानी का जज्बा देख कर मन गद गद हो गया i देश के नौजवानों के लिए आप प्रेरणा का एक भयंकर स्रोत बन सकते है i भाई, ये आन्दोलन हम सब का है, सबके लिए है और इसमें सभी का सहयोग जरूरी है i और यह अब ठंडा नहीं पड़ना चाहिए i मेरे विचार से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के चमचे, बीजेपी के पिट्ठू, और चौटाला साहब के चाटुकार सभी एक हैं और सिर्फ ग़लतफ़हमी के शिकार होकर एक दूसरे पर तोहमत लगा रहे हैं i और ये समय की मांग है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समूचे देश को और खासकर समाज के निचले और मध्यम दर्जे के लोगों को तो आपस की छोटी मोटी 'रूस्सा- मनी' छोड़ के एक हो जाना चाहिए i और फिर हम जाटलैंड पर तो सभी आपस में लगभग एक दूसरे के रिश्तेदार है या कुनबे के आदमी है, राजनीतिक मुस्टंडों के लिए क्यों खामखाँ आपस में सींग फंसायें i क्यों न हम पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एक हो जाएँ i इन्कलाब जिंदाबाद !!!!

विकास भाई वैसे इब के रोला रह ग्या इस लोक पाल का i एक बै थोडा सा चानना मार दिए भाई इसके प्रमुख मुद्दों पर जिन पर या टक्कर बाज़ रही सै i मेरे यो रोला घना समझ में कोन्या आया i कांग्रेस न्यू कहती बतावें यो ठीक बिल सै आर बीजेपी न्यू कहवे सै यो कमजोर सै i अन्ना न्यू कह रह्या बतावें के सर्कार नै लूट लिए धोखा कर दिया i भाई तकरार की मोटी मोटी बातां पै एक बै थोड़ी रौशनी कौनसा और फेंक दे तो म्हारे जिसे मंदबुद्दी माणस कै दिमाग मै भी कीमे चानना सा घल ज्यागा i
 
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विकास भाई,मै आपके जोश, राष्ट्र प्रेम और बलिदान की भावना से भयंकर रूप से प्रभावित हुआ हूँ i आपका ह्रदय-विदारक राष्ट्र प्रेम, क्रांतिकारी भावनाओं से ओत-प्रोत विचारधारा, और कड़वाल भैंस की तरह तुड़ाइए करती हुई जवानी का जज्बा देख कर मन गद गद हो गया i देश के नौजवानों के लिए आप प्रेरणा का एक भयंकर स्रोत बन सकते है i भाई, ये आन्दोलन हम सब का है, सबके लिए है और इसमें सभी का सहयोग जरूरी है i और यह अब ठंडा नहीं पड़ना चाहिए i मेरे विचार से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के चमचे, बीजेपी के पिट्ठू, और चौटाला साहब के चाटुकार सभी एक हैं और सिर्फ ग़लतफ़हमी के शिकार होकर एक दूसरे पर तोहमत लगा रहे हैं i और ये समय की मांग है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समूचे देश को और खासकर समाज के निचले और मध्यम दर्जे के लोगों को तो आपस की छोटी मोटी 'रूस्सा- मनी' छोड़ के एक हो जाना चाहिए i और फिर हम जाटलैंड पर तो सभी आपस में लगभग एक दूसरे के रिश्तेदार है या कुनबे के आदमी है, राजनीतिक मुस्टंडों के लिए क्यों खामखाँ आपस में सींग फंसायें i क्यों न हम पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एक हो जाएँ i इन्कलाब जिंदाबाद !!!!

विकास भाई वैसे इब के रोला रह ग्या इस लोक पाल का i एक बै थोडा सा चानना मार दिए भाई इसके प्रमुख मुद्दों पर जिन पर या टक्कर बाज़ रही सै i मेरे यो रोला घना समझ में कोन्या आया i कांग्रेस न्यू कहती बतावें यो ठीक बिल सै आर बीजेपी न्यू कहवे सै यो कमजोर सै i अन्ना न्यू कह रह्या बतावें के सर्कार नै लूट लिए धोखा कर दिया i भाई तकरार की मोटी मोटी बातां पै एक बै थोड़ी रौशनी कौनसा और फेंक दे तो म्हारे जिसे मंदबुद्दी माणस कै दिमाग मै भी कीमे चानना सा घल ज्यागा i

1. कमाल है vp सिंह सर...2 दिन हो लिए लठ बाजते लोक सभा अर राज्य सभा में१ पिछले एक साल से जो कुछ चल रहा था, इन 2 दिनों में उसका फ्लाश्बैक हुआ१ सब पार्टियों ने अपनी स्थिथि दी१ एक एक चीज़ पे चर्चां किया: इस सब का लेखा जौका में बेचारा क्यूँकर लिखूं? You Tube पे देख लेना १

२. बाकि जवान तो इस देश में एक ही है:४० वर्ष के गबरू..समझ तो गए ही होंगे आप ;) , तो कुंसी भैंस है और के तुड़ा रही है सब उस चालीस साल के जवान पे ही लागू हो है१ हम तो गरीब प्रजा हैं, जो पैदा होते ही बुड्ढे हो जाते हैं १
 
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ndtv ki website ya tv par bhi dekh sakte hain, VP Ji ki pasandida patrakar gyan dholne ke saath saath lagatar update bhi de rahi hai :)

1. कमाल है vp सिंह सर...2 दिन हो लिए लठ बाजते लोक सभा अर राज्य सभा में१ पिछले एक साल से जो कुछ चल रहा था, इन 2 दिनों में उसका फ्लाश्बैक हुआ१ सब पार्टियों ने अपनी स्थिथि दी१ एक एक चीज़ पे चर्चां किया: इस सब का लेखा जौका में बेचारा क्यूँकर लिखूं? You Tube पे देख लेना १

२. बाकि जवान तो इस देश में एक ही है:४० वर्ष के गबरू..समझ तो गए ही होंगे आप ;) , तो कुंसी भैंस है और के तुड़ा रही है सब उस चालीस साल के जवान पे ही लागू हो है१ हम तो गरीब प्रजा हैं, जो पैदा होते ही बुड्ढे हो जाते हैं १
 
२. बाकि जवान तो इस देश में एक ही है:४० वर्ष के गबरू..समझ तो गए ही होंगे आप ;) , तो कुंसी भैंस है और के तुड़ा रही है सब उस चालीस साल के जवान पे ही लागू हो है१ हम तो गरीब प्रजा हैं, जो पैदा होते ही बुड्ढे हो जाते हैं १

४० साल का गाबरू ...... मौज्ज कर दी भाई ....भाई युवराज स वो कान्ग्रेस्सियाँ का ........ न्यू नहीं कह देगा,......छक के भोंदू स तो के होया...... मुह में चाँदी का कडछा ले के पैदा हो रा स........ चाहे वोह कितना इ बाव्लिबूच हो, कांग्रेस की तरफ से देश का अगला प्रधानमन्त्री वो इ होगा.......
 
VP Sir.....ye dekh lo BJP ka paksh and how they want a strong Lokpal and hence disapproved the weaker one:

<<<ndtv/video/player/news/jaitley-slams-govt-for-constitutional-cocktail/219687>>>
Repace 0 by o

विकास भाई,मै आपके जोश, राष्ट्र प्रेम और बलिदान की भावना से भयंकर रूप से प्रभावित हुआ हूँ i आपका ह्रदय-विदारक राष्ट्र प्रेम, क्रांतिकारी भावनाओं से ओत-प्रोत विचारधारा, और कड़वाल भैंस की तरह तुड़ाइए करती हुई जवानी का जज्बा देख कर मन गद गद हो गया i देश के नौजवानों के लिए आप प्रेरणा का एक भयंकर स्रोत बन सकते है i भाई, ये आन्दोलन हम सब का है, सबके लिए है और इसमें सभी का सहयोग जरूरी है i और यह अब ठंडा नहीं पड़ना चाहिए i मेरे विचार से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के चमचे, बीजेपी के पिट्ठू, और चौटाला साहब के चाटुकार सभी एक हैं और सिर्फ ग़लतफ़हमी के शिकार होकर एक दूसरे पर तोहमत लगा रहे हैं i और ये समय की मांग है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समूचे देश को और खासकर समाज के निचले और मध्यम दर्जे के लोगों को तो आपस की छोटी मोटी 'रूस्सा- मनी' छोड़ के एक हो जाना चाहिए i और फिर हम जाटलैंड पर तो सभी आपस में लगभग एक दूसरे के रिश्तेदार है या कुनबे के आदमी है, राजनीतिक मुस्टंडों के लिए क्यों खामखाँ आपस में सींग फंसायें i क्यों न हम पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एक हो जाएँ i इन्कलाब जिंदाबाद !!!!

विकास भाई वैसे इब के रोला रह ग्या इस लोक पाल का i एक बै थोडा सा चानना मार दिए भाई इसके प्रमुख मुद्दों पर जिन पर या टक्कर बाज़ रही सै i मेरे यो रोला घना समझ में कोन्या आया i कांग्रेस न्यू कहती बतावें यो ठीक बिल सै आर बीजेपी न्यू कहवे सै यो कमजोर सै i अन्ना न्यू कह रह्या बतावें के सर्कार नै लूट लिए धोखा कर दिया i भाई तकरार की मोटी मोटी बातां पै एक बै थोड़ी रौशनी कौनसा और फेंक दे तो म्हारे जिसे मंदबुद्दी माणस कै दिमाग मै भी कीमे चानना सा घल ज्यागा i
 
As a neutral person with ABSOLUTELY NO POLITICALLY INCLINATION, after hearing different spokespersons from different parties, it is easy to conclude that Arun Jaitley and Sushma Swaraj are best among the lot.

VP Sir.....ye dekh lo BJP ka paksh and how they want a strong Lokpal and hence disapproved the weaker one:

<<<ndtv/video/player/news/jaitley-slams-govt-for-constitutional-cocktail/219687>>>
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And this is not just for this particular video or session, this is true for all past speeches also..

As a neutral person with ABSOLUTELY NO POLITICALLY INCLINATION, after hearing different spokespersons from different parties, it is easy to conclude that Arun Jaitley and Sushma Swaraj are best among the lot.
 
देखो, थोड़ी थोड़ी गलती इस मुद्दे पर सारी की सारी पार्टियां कर रही हैं अपनी राजनैतिक रोटियाँ सकने के लिए I बीजेपी का तो एक ही agenda है - सिर्फ सरकार की टांग खींचना और उसको धडाम से गिराना, किसी ना किसी बहाने I थोडा अरुण जेटली समझदार और सेंसिब्ले आदमी है, लेकिन वो भी हालात से मजबूर है I उधर अन्ना जी की टीम भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काफी selective है I उनको जैसे हिसार में कुलदीप बिश्नोई, चौटाला का भ्रष्टाचार नज़र नहीं आया था उसी प्रकार उत्तरप्रदेश में मायावती का भ्रष्टाचार भी नज़र नहीं आ रहा और सिर्फ कांग्रेस का विरोध करने की गुहार लगा रहे हैं I यह अच्छी बात नहीं है I भ्रष्टाचार को किसी एक पार्टी से जोड़कर देखना और बाकी सभी पार्टियों को लूट की छूट देना गलत है I इस प्रकार की सोच के चलते अन्ना हजारे द्वारा प्रारंभ किया गया एक अच्छा आन्दोलन एक दिन तुच्छ राजनीति की भेंट चढ़ जायेगा जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण होगा I

लेकिन अगर हम एक निष्पक्ष और गैर राजनैतिक दृष्टिकोण से इस घटनाक्रम को देखें तो इसमें सत्ताधारी दल का दायित्व थोडा अधिक बनता है और उनको थोडा और लचीलापन दिखाना चाहिए कुछ मांगो पर I जैसे सीबीआई और ग्रुप 'C ' और 'D ' कर्मचारियों के मुद्दे पर उनका रूख और हठधर्मिता सही नहीं है, और बीजेपी एवं अन्य पार्टियों का संशोधन मान लेना चाहिए I परन्तु यह कहना कि विपक्ष के सारे के सारे संशोधन आँख मीच के मान लेने चाहिए कुछ तर्कसंगत सा नहीं लग रहा I ऐसा मेरी मंद बुद्दी का मानना है I हालाँकि कि मुझे मालूम है हमारे फाजिल टीकाकारों की तीखी और तल्ख़ टिप्पणियों का आघात मुझे झेलना पड़ेगा, परन्तु मासूम हूँ हवा के रूख के खिलाफ चल देने की हिमाकत कर बैठता हूँ , रहा नहीं जाता I
 
लोकपाल का जो होया सो होया....... हो सके स बे जे पी भी ना चाहती हो लोकपाल पास हो.....उनके अपने कारण होंगे (अगर हैं तो..लेकिन अरुण जेटली ने ये साफ़ कही थी की उनकी पार्टी लोकपाल के बिना वापस नहीं जायेगी आज.... लेकिन बढ़िया लोकपाल.... न की बिना दांता आला पोपले मुह का लोकपाल....)......... लेकिन विडंबना यह है की इस पूरे प्रकरण में लोग अन्ना aur Team को दोषी करार देने से नहीं चूकते........उस अन्ना Team को जिस ने इस पूरे देश को जगा दिया.... नहीं तो न कांग्रेस एर न बी जे पी रात ने बारह बारह बजे तक संसद में बैठ के रात काली करते..............किसे ने परवाह नहीं थी...... एब इन के लठ आ रा स........

अगर अन्ना और उनकी टीम ने हिसार में कांग्रेस की खिलाफत की तो क्या बुरा किया....... केंद्र में कांग्रेस का राज था...... अगर सरकार पे दबाव नहीं बनाया जाता तो जो बिल आज लोकसभा में पास हो चूका है वो कभी ना होता........ पिछले चालीस साल से नहीं हुआ... जिस में से तीस साल तो पक्का कांग्रेस का राज रहा होगा.....डंडे के यार सें ये ...डंडा होया तो इन ने आरक्षण दिए लोग तें .... डंडा आया तो फटाफट लोकपाल की कमिटी बनायीं..... डंडा आया जब अन्ना ने मनवान चार चार मंत्री एअरपोर्ट पे भेजे..... डंडा आया जब प्रधानमन्त्री ने अन्ना को पत्र लिखा एर मनवान खातिर विलासराव देशमुख बेजा रामलीला मैदान में........ बिना डंडा आये अगर काम कारन आली हो कांग्रेस तो लोकपाल चालीस साल पुराना होता........... एर देश की या हालत न होती............तो हिसार में भी डंडा जरूरी था....वैसे खुद कांग्रेसी कह रे सें की हिसार में अन्ना का असर नहीं होया..... अगर असर इ नहीं होया तो फेर क्यों विधवा ढाल रोवो सो....... करन दयो प्रचार किसे ने भी......
एर हाँ अन्ना की टीम ने एक हफ्ते का टाइम दिया था आक लोकपाल के लिए अगर कांग्रेस पार्टी की प्रेसिडेंट लिख के समर्थन दे दे तो खिलाफत नहीं होगी..... हजका आले ने एर इनलो ने दे दी लिख के..... जे पी भी लिखवा लयता..... पर ल्यावे क्यूकर....... मन में चोर स कांग्रेस के.......... प्रधान मंत्री की लिखी ओड चिट्ठी तें इ मुकर रे सें एब्ब ये....


लेकिन fir bhi अन्ना और उनकी टीम ने कभी भी कुलदीप बिश्नोई और चौटाला का समर्थन नहीं किया. एक भी statement ऐसी आई हो तो बता दो...... ..... जे पी की और हूडा - दोनों की गधी मरी पड़ी थी हिसार में इस लिए हारे......... एब कालिष मसल दो उस बेचारे बुड्ढे अन्ना के.... अन्ना न होता तो शायद जेपी गाँठडी बाँध ले जाता हिसार तें? 2009 में भी तीसरे नंबर पे आया था.... अन्ना ने शायद हिसार में कोए भी ना जाण्य करता उस टाइम .......

हिसार में कांग्रेस को नुक्सान हुआ .... उस का फायदा किसी ने तो मिलना इ था... फेर वो चौटाला हो या कुलदीप - जनता की समझ पे निर्भर था !!! हाथ पकड़ पकड़ के तो केजरीवाल ने वोट गिरवाई हों तो अलग बात स...... सब ने अपनी समझ तें गेरी..........!!

रही बात मायावती की तो मायावती छक के भ्रष्ट स .... एर उस ने अपने पंद्रह मंत्री भी काढ बगाए ... मतलब उसकी सरकार में निरा भ्रस्टाचार है.... लेकिन इसका मतलब ये नहीं की कांग्रेस दूध की धूलि स............ यूपी में अन्ना अगर कांग्रेस की खिलाफत करे तो दबाव पड़ेगा इस अंधी बहरी कांग्रेस पे....... एर शायद इस ने अकल आ जा...
असल बात तो या स आक कांग्रेस रुपी गादडी, तावल में बेर पकावे थी....इतना काचा पाका सौदा बगा के देश के बदहजमी और करेंगे ये .......... यह न्यू चाह्वें थे आक यु पि के elections में फायदा ठा लियो लोकपाल के नाम का..... एब या कोणी बने....

चर्डाटा तो माचेगा इ कांग्रेस आर इसके समर्थका के....
.
 
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The Lokpal Bill that was tabled in August 2011, did have one good thing that Lokpal had its own investigation agency. But on the counter side the govt was/is having a good say in selection of Lokpal members. Matlab "andha baante revdi, er fir-fir apno ko hi de!"

But the movement from Anna to oppose kaan-grease in Hisar bypolls gave kaan-grease an attitude that ki ab "chunav ke maidan me hi dekh lenge" and hence they INTENTIONALY made the Lokpal bill even weaker, when it was tabled again in Loksabha in December. This was intentionally done so that NDA opposes it and it will fall. They did it because they wanted to get an upper hand in the elections saying that "we brought the Lokpal bill, but BJP/opposition did not allow it to go through!". This advantage got negated a bit, with TMC opposing it in Rajyasabha!

All in all Kaan-grease did not want the Lokpal bill to get through. kyuuki sabte pahlya guddi pe panja inki pe e tikega!

PS : These are my views based on the discussions/fights that I saw/read in the media. Am not inclined to any party, but Lokpal.
 
सही निचोड़ !!!

The Lokpal Bill that was tabled in August 2011, did have one good thing that Lokpal had its own investigation agency. But on the counter side the govt was/is having a good say in selection of Lokpal members. Matlab "andha baante revdi, er fir-fir apno ko hi de!"

But the movement from Anna to oppose kaan-grease in Hisar bypolls gave kaan-grease an attitude that ki ab "chunav ke maidan me hi dekh lenge" and hence they INTENTIONALY made the Lokpal bill even weaker, when it was tabled again in Loksabha in December. This was intentionally done so that NDA opposes it and it will fall. They did it because they wanted to get an upper hand in the elections saying that "we brought the Lokpal bill, but BJP/opposition did not allow it to go through!". This advantage got negated a bit, with TMC opposing it in Rajyasabha!


PS : These are my views based on the discussions/fights that I saw/read in the media. Am not inclined to any party, but Lokpal.
 
.................बाकी कांग्रेस के लोकपाल तें खुद कांग्रेस के एम् पी इ भाज रे थे लोकसभा में व्हिप का भी डर कोणी लाग्या उन ने...... गायब हो गए कई तो ड्याकी.......... शायद उन ने बेर था आक कांग्रेस तें ज्यादा जनता की व्हिप करड़ी स अगले इलेक्शन में...... हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
 
४० साल का गाबरू ...... मौज्ज कर दी भाई ....भाई युवराज स वो कान्ग्रेस्सियाँ का ........ न्यू नहीं कह देगा,......छक के भोंदू स तो के होया...... मुह में चाँदी का कडछा ले के पैदा हो रा स........ चाहे वोह कितना इ बाव्लिबूच हो, कांग्रेस की तरफ से देश का अगला प्रधानमन्त्री वो इ होगा.......

Koe isa jaabta nahi bandh jya bhai, ak isne "Bermuda Triangle" me chod aao! Suni se wo "black hole" ki dhaala se..jo bhitar jaave, kade ulta koni aave :singing:
 
You mean, वहां गए हुए युवराजों को जेहर का सुवा लगा दिया जाता है.....??
:singing::singing::singing::singing::singing:

Koe isa jaabta nahi bandh jya bhai, ak isne "Bermuda Triangle" me chod aao! Suni se wo "black hole" ki dhaala se..jo bhitar jaave, kade ulta koni aave :singing:
 
Hypothetical debate would always lead to empirical results and not to the scientific conclusions. So friends, rise above political ideologies and give unprejudiced statements. Calling names to one particular party or leader will only lower the prestige and stature of this forum (JL). All the parties have been furthering their family interests by promoting their princes and princesses. Take the example of Haryana, Devi Lal ji>OP Chautala>Ajay/Abhay>Ajay's son. Similarly there are examples of Ch. Bansi Lal Clan, Ch. Charan Singh clan, Ch. Chhotu Ram Clan (Virender), Surjewala Clan, Hooda Clan. In BJP also there are lot of Princes and princes (Mother Scindia and her daughter and some other former rulers). So be fair in your criticism. In democracy, everyone has an equal right to participate in politics and no Indian citizen can be debarred just because of his roots. Leave it upto the people to decide their fate.
 
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Sad but this is true for Bollywood as well as Politics, heirs are from the family, even if not deserving!!

Hypothetical debate would always lead to empirical results and not to the scientific conclusions. So friends, rise above political ideologies and give unprejudiced statements. Calling names to one particular party or leader will only lower the prestige and stature of this forum (JL). All the parties have been furthering their family interests by promoting their princes and princesses. Take the example of Haryana, Devi Lal ji>OP Chautala>Ajay/Abhay>Ajay's son. Similarly there are examples of Ch. Bansi Lal Clan, Ch. Charan Singh clan, Ch. Chhotu Ram Clan (Virender), Surjewala Clan, Hooda Clan. In BJP also there are lot of Princes and princes (Mother Scindia and her daughter and some other former rulers). So be fair in your criticism. In democracy, everyone has an equal right to participate in politics and no Indian citizen can be debarred just because of his roots. Leave it upto the people to decide their fate.
 
Last edited by a moderator:
Disruption staged and orchestrated by congress?

http://news.outlookindia.com/items.aspx?artid=745970

Excerpt...

"But clearly, there was desperation in the ruling camp, and the claim seemed to be confirmed when Rajneeti Singh proceeded to tear up the bill in Rajya Sabha.

Later, CNN-IBN's Sagarika Ghose tweeted:

CNNIBN's #Bhupendrachaube reported half hr before it actually happened, that Rajneeti Prasad would disrupt House.

Very intriguing that the chairman of the rajya sabha himself doesn't know whether the House will go on post midnight or not."
 
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