albaadi baalkaan key kissey.

महारा मनेजर एक मद्रासी था | एर जब मेरी सर्विस लागी तो में २० साल का-ए था | पर म्हारे डिपार्टमेंट में एक्ला जाट | जांदे-ए पंगे लेणे सुरु कर दिए |में एक-डेढ़ साल में-ए युनियन का लिडर चुन लिया गया | मेरा डिपार्टमेंट मनिस्टरी ऑफ़ डिफेन्स के आधीन था | सारी बिल्डिंग ए. सी. थी | पर युद्ध से सम्बंधित इलेक्ट्रोनिकास इक्विपमेंट होने के कारण , ना तो खिड़की खोल सकते थे, एर ना परदे हटा सकते थे | ऊँ तो ५-६ पलान्ट थे ,ए. सी के ,पर गर्मियां में आधे तो खराब हो जांदे , जुकर बखत आवन पे सरकारी मशीनरी काम ना आया करे नु-ए | पंखे थे कोणी | २०० मानसा का बुरा हाल हो जांदा , पसीनया में | मनेजर ताहि कही अक पंख्या का बंदोबस्त कर दे पर वो मान्या कोणी | एक दिन दुखी हो कें हाम सारे बाहर जा कें बैठ गे ( टूल डाऊन )| तुरंत gm ने में बुला लिया अक के बात होगी | मन्ने सारी बात बताई | जी ऍम ने तुरंत मनेजर बुला के कह दी अक २ दिन के अन्दर २५ पंखे लोकल परचेज कर कें लगा दिए जाएँ | पर सुसरा मद्रासी बहाने बनाए गया , क्यों की उकी हार हो गी थी | वो आपने केबिन में एक अक्झास्त फेन उलटा ला रया था | तो उसका आपना काम तो चाल रया था | मन्ने लंच टाइम में उकी पंख तोड़ दी जो फाईबार की थी | एर जब मद्रासी आया, एर पंखा चलाया तो घूं-घूं होवे, एर बाल कोणी लागे | उंने मेरा ना ले दिया , अक यो काम बल्हारा का कर्या होड़ से, एर में जी ऍम धोरे कम्प्लेन करूंगा | में नु बोल्या अक कर दे | तेरे पे २ आरोप लावूंगा , एक तो जी ऍम के आदेश की अह्वेलना की | दूसरा सरकारी संम्पत्ति का दुरूपयोग व्यक्तिगत फायदे के लिए करने का | वो बोल बाला रह गया एर मेरी यूनियन लीडर के रूप में या पहली जीत थी | २ दिन में पंखे आगे | मोजाँ ही मोजाँ |
 
में जब ७-८ साल का होउंगा शायद जब की बात से | घर के बाल्कां नु पैर उट्ठे पाछे जो तले के गिन्हू बच जाया करदे वे इनाम में मिला करदे | उन् गिन्हुआन में गेगला एर माड़ा मोटा और अडंगा होया करदा | ऊँ तो इन् ने डांगरा आगे गेरा करें ,पर बाल्कां नु राजी करण खातर ५-७ किलो हामने भी मिल जाया करदे | बालक सभे घरां के पेराँ में फल्सी बाह्या करदे ,एर गहटा जोड्या करदे, जयां तें यो इनाम मिला करदा | में बड़ा था ,एर म्हारे घर के दुसरे बालक घंने छोटे थे ,जयां तें मन्ने ऐकले ने सारा फेदा मिला करदा | म्हारे ३००-४०० मण गिहूँ होया करदे हर साल एर ठेकयां में भरण तें पहलम वे सिले करण खातर साल (फरस) में १५-२० दिन गेरें राख्या करदे | मन्ने आपने मिले होए गिहूँ भी साल में एक बोरी में घाल कें धर दिए | रोज दोफारी में , एक किलो सारे गिन्हू बेले में भर कें दूकान पे ले जांदा एर कचरे ,तरबूज ले कें खांदा में | ७-८ दिन हो गे ,मेरी दादी के शक हो गया ,अक ई की बोरी में तो ६-७ किलो गिन्हू थे एर यो तो एब्बी भी उतने -ए धर रया से एर रोज कचरे एर तरबूज भी खा आवे से | आगले दिन जब में बेला भरण लाग्रया था तो मेरी दादी ने पकड़ लिया, असल में ,में आछे गिह्नु बेचया करदा , लूकमा | मेरे ४-५ आछे चिर्मराते थप्पड़ लागे एर वे बोरी आले गिन्हू भी खुस गे | घर का चोर |
 
मेरी दादी एक कोथली सी में आपने पिस्से न्यारे राख्या करदी | एर उकी एक आदत थी अक वा उन् पिस्स्या नु मिन्हे में एक या दो बे साल (फरस)पे गेर कें गिना करदी | पर उने २० तोंह बाध गिनती ना आया करदी | जयां तोंह उंने मेरी मदद लेणी पड़्या करदी | उन् पिस्स्या में किम्मे तो रपिये होया करदे एर किम्मे सिक्के | सिक्के घने होया करदे | साल में माड़ा सा ढलान था | एर जब में गिणदा तो ४-५ सिक्के घुरडा देंदा ,एर वे बोरियां तले जा बडदे | मेरी दादी नु सोचदी अक गलती तें घुरड गे होंगे | १-२ सिक्का उने पा जांदा | बाकी में गिनती पूरी होए पाछे चक ले जांदा एर चीजो खांदा | सहायक चोर |
 
मेरे छोटले काका कँवल सिंह की सगाई होई थी | ऊमे आगले मिठाई एर फल भी लाये थे | मेरी दादी ने माडी सी मिठाई बांड कें, एर वा मिठाइयां की प्रांत आपनी संदूक में धर दी ,ओबरे में | मेरा काका मेरे तें १५-१६ -ए साल बड्डा था | वो पहलवान भी था , एर म्हारे स्कूल की ओड तें वो कबड्डी की टीम का कपतान के रूप में राज्य सतारिया खेलाँ में भाग लिया करदा | म्हारे दोनुआ के वा ताले बंद मिठाई खटकन लाग री थी | एक दिन हामने पलान बनाई एर मेरे काका ने उस संदूक का ढक्कन एक ओड तें उकसा दिया एर मेरे हाथ पतले थे जयां तैं मन्ने भीतर हाथ दे कें लाडू काढ लिए | ८-१० दिनाँ में हामने प्रांत ला दी तली के | एर जब तली में भोरा-भोरा रहग्या तो हामने ऊ में मूसयाँ के मिंगन गेर दिए | २-४ दिनाँ पाछे जब मेरी दादी ने संदूक खोली एर उने वा प्रांत ठाई तो छाती के जा लागी | एर मेरी दादी मुसयाँ नु गाल बक्दी हंडे | एर खावानिये मूसे ऊ के धोरे बैठे -बैठे हँसे | आंडी मुस्से |
 
मेरे काका का ब्या मेरी मोसी गेल्या होए एक- डेड साल-ए हौया था | आर मेरी मोसी की उम्र उस बखत १६-१७ साल की ए थी | मेरा काका आर मेरी बुआ दोनु मिलके मेरी मोसी न डराया करते | मेरी मोसी कदे भार तै आया करती तो वे दोनु जणे किवाड़ा क पाछे लुक जाया करते आर मेरी मेरी मोसी भीतर बड़ते इ दोनु जणे हौऊऊऊऊऊऊऊऊ कर दिया करते, मेरी मोसी कसुती डर जाया करती | मेरी माँ न मेरा काका भोत समझाया आक या बालक सै आर इका कालजा पाट ज्यागा मतना डराया करे | पण मेरा काका मान्या कोणी रोज डराया करते दोनु भाई भाण मिल्कः | एक दिन के होया आक साँझ का टेम था रोटिया का टेम होर्या था आर मेरी बुआ मेरे ताऊ हार क जा थी कोई काम,मेरी माँ न मेरी बुआ तै कही आक सुरेश(सुरला) न खंदा दिए जाती रोटी खाण ताहि, खातोड़ म बैठा सै | मेरी माँ न सोच्या आक आज ठीक मोका सै | मेरा काका आया भार तै, म्हारे भारले चोक का बलब बंद था आर उका खटका एक ओबरे म था जीके बारने म दरी टांग राखी थी (दोफारी म घाम जाया करता उमे सुधा, इस मारी) | मेरी माँ उ दरी क पाछे लुकगी | मेरे काका न ज्यू ही खटका दबान ताहि हाथ भीतर दिया मेरी माँ न हाथ पकड़ क हौऊ कर दिया इतना भुंडी ढाल डरग्या | आर बेरा पाटग्या आक डर के चीज हो सै | उके पाछे मेरे काका न कदे न्ही डराई मेरी मोसी | आर ना कोय्से बालक न डराण देता |
 
मुंबई में म्हारे इंस्टिट्यूट धोरे एक भैये का ढाबा था | हम घन्खरे दोफारे का खाना उस ढाबे पे खाया करदे | क्योंकि होस्टल एर केन्टीन का खाना खा-खा कें कई बे बोर हो जांदे | इब्ब पिस्से तो इन्ने होया कोणी करदे तो घनखर्याँ की उधार चाल्या करदी |एर जब घर के पिस्से भेज देंदे तो उधार किम्मे कम हो जांदी ,ना तो चाले जांदी | कईयाँ के तो २-२ , ३-३ मिन्हे उधार खड़ी रह्या करदी |उधार का खाता जो एक कापी में लिखाया करदा | ऊ भैये एर ऊ के मानसं ने एक दिन एक म्हारे परोफेसर के मार दिए ,उनका किम्मे पिस्सया का रोला था | उन्ने आ के म्हारे ताहि बताई अक नु-नु होया | आगले दिन दोफारी में २५-३० छोरे कट्ठे हो कें गए | जिनका खाता चाले था वे घने इंटरेस्ट दिखावे थे ऊ भैये नु सुधारण में | एर जा कें ने हामने ५ मिनट लागी उका ढाबा तोड़ -फोड़ , सड़क पे पसार दिया | अगाऊ पलानिग के हिसाब तें एक ज़ना उकी खाते की किताब ले कें गूच गया | एक ने उका गल्ला चक लिया | एर बाकी ऊके मानसा नु एर उने पीटन लागे | सारा कर्जा माफ़ |
 
Ravinder, Is Kukarm ke baad, Hotel mai Kitchen kholna pada hoga.

मुंबई में म्हारे इंस्टिट्यूट धोरे एक भैये का ढाबा था | हम घन्खरे दोफारे का खाना उस ढाबे पे खाया करदे | क्योंकि होस्टल एर केन्टीन का खाना खा-खा कें कई बे बोर हो जांदे | इब्ब पिस्से तो इन्ने होया कोणी करदे तो घनखर्याँ की उधार चाल्या करदी |एर जब घर के पिस्से भेज देंदे तो उधार किम्मे कम हो जांदी ,ना तो चाले जांदी | कईयाँ के तो २-२ , ३-३ मिन्हे उधार खड़ी रह्या करदी |उधार का खाता जो एक कापी में लिखाया करदा | ऊ भैये एर ऊ के मानसं ने एक दिन एक म्हारे परोफेसर के मार दिए ,उनका किम्मे पिस्सया का रोला था | उन्ने आ के म्हारे ताहि बताई अक नु-नु होया | आगले दिन दोफारी में २५-३० छोरे कट्ठे हो कें गए | जिनका खाता चाले था वे घने इंटरेस्ट दिखावे थे ऊ भैये नु सुधारण में | एर जा कें ने हामने ५ मिनट लागी उका ढाबा तोड़ -फोड़ , सड़क पे पसार दिया | अगाऊ पलानिग के हिसाब तें एक ज़ना उकी खाते की किताब ले कें गूच गया | एक ने उका गल्ला चक लिया | एर बाकी ऊके मानसा नु एर उने पीटन लागे | सारा कर्जा माफ़ |
 
मुंबई में म्हारे इंस्टिट्यूट धोरे एक भैये का ढाबा था | हम घन्खरे दोफारे का खाना उस ढाबे पे खाया करदे | क्योंकि होस्टल एर केन्टीन का खाना खा-खा कें कई बे बोर हो जांदे | इब्ब पिस्से तो इन्ने होया कोणी करदे तो घनखर्याँ की उधार चाल्या करदी |एर जब घर के पिस्से भेज देंदे तो उधार किम्मे कम हो जांदी ,ना तो चाले जांदी | कईयाँ के तो २-२ , ३-३ मिन्हे उधार खड़ी रह्या करदी |उधार का खाता जो एक कापी में लिखाया करदा | ऊ भैये एर ऊ के मानसं ने एक दिन एक म्हारे परोफेसर के मार दिए ,उनका किम्मे पिस्सया का रोला था | उन्ने आ के म्हारे ताहि बताई अक नु-नु होया | आगले दिन दोफारी में २५-३० छोरे कट्ठे हो कें गए | जिनका खाता चाले था वे घने इंटरेस्ट दिखावे थे ऊ भैये नु सुधारण में | एर जा कें ने हामने ५ मिनट लागी उका ढाबा तोड़ -फोड़ , सड़क पे पसार दिया | अगाऊ पलानिग के हिसाब तें एक ज़ना उकी खाते की किताब ले कें गूच गया | एक ने उका गल्ला चक लिया | एर बाकी ऊके मानसा नु एर उने पीटन लागे | सारा कर्जा माफ़ |

bhai yo to tunnai galat thread mai post kar diya..ya balkan ki albaad koni laagti munnai ...ek thread aur bana le..Albaadi Koongaraan ke kissee...usme gerr diya karr issi issi post.
 
Ravinder, Is Kukarm ke baad, Hotel mai Kitchen kholna pada hoga.

hostal me to kitchen pahlam tein -a thaa, par hostal kaa khaanaa to issa-a hoyaa kare,mahaarey ghar ki ek saachi ghatnaa bataaun, meri daadi ne ek be ghani patli daal banaa di er jab meraa dada roti khaawan bethan laagyaa er unney daal dekhi to ultaa-a khadaa ho liyaa er dhoti er baanh sangwaan laagyaa | to meri daadi boli jaaye roye yo ke karan laagryaa se . to meraa dada bolayaa ek doobki maarungaa teri daal me kitey koye daanaa milgyaa toh | toh bhai hosatl kaa khaanaa to issaa-a hoyaa kare . er oo bhaiye ne 10-15 din to udhaar karni band kar di thee par fer udhaar karan laagyaa , naa to ookaa 70% dhandhaa chopat hogyaa thaa.
 
bhai yo to tunnai galat thread mai post kar diya..ya balkan ki albaad koni laagti munnai ...ek thread aur bana le..Albaadi Koongaraan ke kissee...usme gerr diya karr issi issi post.
bhai atishmohan baat nu se ak sunil sheoraan nu bolyaa ek post me ak itney biyaah ni ho jaandaa itney baalak samjhey jaane chaahiye. jayaan tein biyaah hovan tain pahalam ki saari albaad baalkaan ke kissyaan me aawengi . er bhai haam to ibbi albaad kar dyaan saan . koongraan ke kissyaan me unne ghaal dyaan ge.

bhai teri gelyaan maadaa saa majaak kar lu soon buraa mat maaniya.atish-mohan kaa matalab aag ko mohney waalaa ---- tu petrol se key ?
 
म्हारे खेत रोहतक तें ३-४ की मी दूर पड़ें सें | म्हारे खेताँ में रोहतक की चमारी न्यार पाडन आया करदी साबत साल | वे बड्डी झोली बाँध के खेताँ माँ के हांडति एर उजाड़ कर देंदी | एर उनने किम्मे कह दे तो भुंडी गाल बकदी | उन् की एक आदत थी अक जब एक गठड़ी न्यार हो जांदा तो नहर के पुल पे ल्या गेर्दी एर और न्यार पाडन चाली जांदी | एर १-१ जाणी २-२,३-३ गठड़ी ट्रक में गेर कें रोहतक ले जांदी | में एर मेरे ताऊ के २ छोरे डांगर चराया करदे गर्मी की छुटियाँ में | एक दिन हामने उनकी गठड़ी खोल दी डांगरा आगे ,जब वे दूसरी गठड़ी का न्यार लेवन जा री थी | १५ मिनट में डांगरा ने ६-७ गठड़ी साफ़ कर दी | एर हाम डांगरा नु बखत तें छिका कें एर ले कें गाम कानी चाल पड़े | ऊ दिन के होया हामने नि बेरा ,पर आगले दिन चमारी म्हारे तें बुझ्न लागी अक तमने कोए देखा काल म्हारा न्यार कोए चोर लेग्या | हाम तो कती मासूम थे हामने के बेरा | न्यार भी कोए चोरन की चीज से |
 
bhai atishmohan baat nu se ak sunil sheoraan nu bolyaa ek post me ak itney biyaah ni ho jaandaa itney baalak samjhey jaane chaahiye. jayaan tein biyaah hovan tain pahalam ki saari albaad baalkaan ke kissyaan me aawengi . er bhai haam to ibbi albaad kar dyaan saan . koongraan ke kissyaan me unne ghaal dyaan ge.

bhai teri gelyaan maadaa saa majaak kar lu soon buraa mat maaniya.atish-mohan kaa matalab aag ko mohney waalaa ---- tu petrol se key ?

bhai tu munnai petrol, diesel, arr chahe kimme aur flammable type mann le..lekin tu Sunil bhai ki baatan mai na aave..vo tunnai bhaloo rehya hai..tu balak koni reh reya ibbb...
 
मेरे छोटले काका कँवल सिंह की सगाई होई थी | ऊमे आगले मिठाई एर फल भी लाये थे | मेरी दादी ने माडी सी मिठाई बांड कें, एर वा मिठाइयां की प्रांत आपनी संदूक में धर दी ,ओबरे में | मेरा काका मेरे तें १५-१६ -ए साल बड्डा था | वो पहलवान भी था , एर म्हारे स्कूल की ओड तें वो कबड्डी की टीम का कपतान के रूप में राज्य सतारिया खेलाँ में भाग लिया करदा | म्हारे दोनुआ के वा ताले बंद मिठाई खटकन लाग री थी | एक दिन हामने पलान बनाई एर मेरे काका ने उस संदूक का ढक्कन एक ओड तें उकसा दिया एर मेरे हाथ पतले थे जयां तैं मन्ने भीतर हाथ दे कें लाडू काढ लिए | ८-१० दिनाँ में हामने प्रांत ला दी तली के | एर जब तली में भोरा-भोरा रहग्या तो हामने ऊ में मूसयाँ के मिंगन गेर दिए | २-४ दिनाँ पाछे जब मेरी दादी ने संदूक खोली एर उने वा प्रांत ठाई तो छाती के जा लागी | एर मेरी दादी मुसयाँ नु गाल बक्दी हंडे | एर खावानिये मूसे ऊ के धोरे बैठे -बैठे हँसे | आंडी मुस्से |
Dadi bhi kasut thee 15 din pache ladoo dekhe
Sandook mein dhare dhare dugne hoya karte ke?
 
में, हाम सारे भाई- भाना में बड्डा था | में कई बे उनके मार भी दिया करदा | हाम सारे भाई- भान जब तफरियां में घरां आंदे रोटी खाण , तो हर्या साग, रोटी एर सीत जो मेरी माँ पहलम-अ तैयार कर के धर कें जाया करदी | वे मेरे तें बदला लेवन के चक्कर में रह्या करदे , अक kyu वे मेरे उलटा मार तो सके नि थे | एक दिन में उन् तें माड़ा पाछे आया तो उन ने बिना सीत के रोटी खानदा देख कें में बुझान लाग्या ,अक तम सीत क्यों नि पिन्दे , तो वे बोले घणा खाट्टा से , तू-अ पी ले | जब मन्ने छिक कें पी लिया ,तो सारे हंसन लागे ,एर नु बोले अक बिल्ली पीवन लागरी थी ,हाम ने जयां तें ना पीया |में मानसा का झूठा ना खाया करदा ,एर मेरे भान भाई ने मेरे तें झूठा खुवा दिया billi kaa | एर नु कर कें उन् ने मेरे तें बदला लिया | मेरी हालत देखन लायक थी |
 
एक बे मन्ने लोट-पोट पत्रिका में नु पढ़ लिया अक गर्मी की छुट्टियां में बच्चे क्या-क्या कर सकते हैं | ऊमे कागज़ के लिफाफे बनावन की विधि दे राखी थी | काम का काम एर गुठलियों के दाम | मन्ने लिफ़ाफ़े बना के देखे, एर २-३ दुकाना आली गाल में दीखान ले ग्या | एक शरणार्थी ने मेरे पे लिफ़ाफ़े लेवन की कह दी | एर ४-५ अलग-अलग साइज के लिफ़ाफ़े पकड़ा दिए | एर नु बोल्या १००-१०० लिफाफयां की गड्डी बणा के दे जाइए | यो मेरा पहला बिजनेस था ,जीवन का | मन्ने मेरे छोटे भाई-भान भी ला लिए आपणी गेल्याँ , एर उन् ताहि नु साझा कर लिया अक आधे पिस्से मेरे, अर आधे उन् दोनुआ के | वे भी मेरी गेल्याँ मंड गे | १-१ गड्डी ऊ धोरे पोचान्दा रह्या | एर जब सारे मेल की १-१ गड्डी दे दी ,तो मन्ने ऊ पे पिस्से मांगे | वो नु बोल्या तेरे लिफ़ाफ़े इन्ने बढिया ना थे ,में आधे-ए पिस्से दूंगा | में नु बोल्या अक तू उतना-ए सामान भर के देवन लाग्र्या ,एर किस्से नु कोए सिकात कोणी, तो आछा एर भुंडा के हो था | मन्ने मेरे बाबू तें सिकात करी ऊ शरणार्थी की , तो मेरा बाबु नु बोल्या, तेरा बिजनेस, पिस्से तू काढ | (ये बात मेरे पाछे समझ में आई अक मेरा बाबू मेरे पे पिस्से कु काढवाया करदा | वे सारे एक्सपीरिएंस इब्ब काम आवन लागरे सें )| मन्ने पहलम तो वो पिस्से ले लिए, एर मेरे भाई -भान का हिस्सा दे दिया ,एर फेर पलान बनाई बाकी का हिसाब करण की ऊ गेल्याँ | ऊ की दूकान मेरे एक दोस्त के घेर में थी | पुरानी ऊंची पोली थी | ये पोली १४-१५ फूट ऊंची होया करदी , आज काल कोए ना बनान्दा |ऊ में १० फूट की भींत काढ के एक न्यारा सा कमरा बणा राख्या था | एर उप्पर तें ४-५ फूट खाली छोड़ राख्या था | मन्ने ऊ दोस्त तें बात करी एर हाम ३-४ जने एक रात ने सीढ़ी ला कें, ऊ दूकान के भीतर उतर गे ,एर जितना khaawan peewan का सामान था, वो सारा छात पे ठा ले गे | कचरे , आम ,तरबूजे , सोढा बोतल ,मीठी गोली जो ठाया वो | एर छात पे बैठ कें जिन्ना खाया गया वो पहर गे, बाकी बांडा कर कें चाल्दे हो लिए | २० रपियाँ के बदले ऊ शरणार्थी नु २०० रापियाँ का नुक्सान करा लिया | tit for tet |
 
bhai me bhloo koni rhya , tu apna kaam kre ja rukiye matna bhai ravinder. yo atish mohan aar ye duniya aale to nyu mjak kre sai. kyu inne to kde albaad kri nhi kitaba ke ratte diye sai.
bhai tu munnai petrol, diesel, arr chahe kimme aur flammable type mann le..lekin tu Sunil bhai ki baatan mai na aave..vo tunnai bhaloo rehya hai..tu balak koni reh reya ibbb...
 
मेरे मामा राजस्थान के झुंझुनू जिले म सै | आर मेरे मामा ह़र का छोटा ए गाम सै | १००-१५० घर खेता म अलग बस रहे ह | राजस्थान म होली क दिन, दिवाली की तरिया पटाखे फोड़ा करे खासकर झुंझुनू जिले म | एक बए के होया आक मेरा भाई संदीप नया नया हरयाणा पुलिस म लाग्या ए था, घरका न पिसे-पासे कीमे कमः दिया करता, वो आया होली प छुट्टी और आते ए न्यू बोल्या मै तो मामा क जाऊंगा, उड़े होली प पटाखे छुटावे सै | वो चल्या गया | फेर उड़े जाये पाछे उत के जो बालक थे वे न्यू बोले हा रे थारे हरयाने म इसा कोणी होवे के, म्हारे तो होली प भोत मजा आवे सै | आर या बात उके छाती म जा लागी | आर उस गाम म एकः दुकान थी पटाखा की | उने के काम करा उकी गोज म उकी एक तनखा थी पूरी | उने भाई वे उ दुकान के सारे पटाखे खरीद लिए करीब ३५००-३७०० क रुपया के पड़े, दुकान ख़ाली | आर भाई इब बालक जावे दुकान प पटाखे लेण खातर आर मुह गुम्ड़ी का सा ले क उलटे घरा | भाई साहब उस साबत रात न पटाखे हरयाने के जाट न फोड़े थे आर राजश्थानी लखावे थे | सबेरे जिब उठे तो बालका न वा बात मेरे मामा तै बताई आक संदीप न म्हारी गेल या करी | मेरा मामा न्यू बोल्या योहे तो एक फरक सै हरयाने के आर राजस्थान के जाट म ये किम्मे बी कर सके सै | वो संदीप न्यू बोल्या आज दुल्हंडी सै फेर वो ए काम कर दू मामा, मेरा मामा न्यू बोल्या रहण दे बेटा बालका न घणा मत खिजावे | आंडी जाट हरयाने के |
 
bhai me bhloo koni rhya , tu apna kaam kre ja rukiye matna bhai ravinder. yo atish mohan aar ye duniya aale to nyu mjak kre sai. kyu inne to kde albaad kri nhi kitaba ke ratte diye sai.

भाइयो में यो धागा न्यू शुरू करूँ सूँ एक़ हाम ने सब ने बालकपन में थोड़ी घनी सबने अल्बाद करी सें, तो क्यों ना वे सुनाई जाँ अर मजे लयां.

Isnai ya upar aali baat likh kai thread shuru karya tha ..ibb yo haade albaadi koongraan ke kisse likhan laag gaya to munnai yo e kahi thi ke bhai yo balkaan ka kissa koni..ek thread aur bana le..Albaadi koongran ke kissey...aaj kaal nyu bhi JL pai naye naye thread challan ka fashion chal rehya hai..to thaam donu bhai bhi kyu picche hatto.:rock:rock
 
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