ravinderjeet
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महारा मनेजर एक मद्रासी था | एर जब मेरी सर्विस लागी तो में २० साल का-ए था | पर म्हारे डिपार्टमेंट में एक्ला जाट | जांदे-ए पंगे लेणे सुरु कर दिए |में एक-डेढ़ साल में-ए युनियन का लिडर चुन लिया गया | मेरा डिपार्टमेंट मनिस्टरी ऑफ़ डिफेन्स के आधीन था | सारी बिल्डिंग ए. सी. थी | पर युद्ध से सम्बंधित इलेक्ट्रोनिकास इक्विपमेंट होने के कारण , ना तो खिड़की खोल सकते थे, एर ना परदे हटा सकते थे | ऊँ तो ५-६ पलान्ट थे ,ए. सी के ,पर गर्मियां में आधे तो खराब हो जांदे , जुकर बखत आवन पे सरकारी मशीनरी काम ना आया करे नु-ए | पंखे थे कोणी | २०० मानसा का बुरा हाल हो जांदा , पसीनया में | मनेजर ताहि कही अक पंख्या का बंदोबस्त कर दे पर वो मान्या कोणी | एक दिन दुखी हो कें हाम सारे बाहर जा कें बैठ गे ( टूल डाऊन )| तुरंत gm ने में बुला लिया अक के बात होगी | मन्ने सारी बात बताई | जी ऍम ने तुरंत मनेजर बुला के कह दी अक २ दिन के अन्दर २५ पंखे लोकल परचेज कर कें लगा दिए जाएँ | पर सुसरा मद्रासी बहाने बनाए गया , क्यों की उकी हार हो गी थी | वो आपने केबिन में एक अक्झास्त फेन उलटा ला रया था | तो उसका आपना काम तो चाल रया था | मन्ने लंच टाइम में उकी पंख तोड़ दी जो फाईबार की थी | एर जब मद्रासी आया, एर पंखा चलाया तो घूं-घूं होवे, एर बाल कोणी लागे | उंने मेरा ना ले दिया , अक यो काम बल्हारा का कर्या होड़ से, एर में जी ऍम धोरे कम्प्लेन करूंगा | में नु बोल्या अक कर दे | तेरे पे २ आरोप लावूंगा , एक तो जी ऍम के आदेश की अह्वेलना की | दूसरा सरकारी संम्पत्ति का दुरूपयोग व्यक्तिगत फायदे के लिए करने का | वो बोल बाला रह गया एर मेरी यूनियन लीडर के रूप में या पहली जीत थी | २ दिन में पंखे आगे | मोजाँ ही मोजाँ |